अंबेडकरनगर। प्रदेश सरकार ने ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं का लाभ पाने के लिए आवेदन व अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से पंचायत भवन स्थापित करने के निर्देश दिए थे। आदेश के करीब तीन वर्ष बीतने के बाद भी कई ग्राम पंचायतों के लोग आपका अधिकार, आपके द्वार का लाभ पाने से वंचित हैं। कहीं पंचायत भवन शुरू नहीं हो पाया है तो कहीं पंचायत सहायक की तैनाती नहीं हो पाई है।
ग्राम पंचायत भवन में ही खेती-किसानी और जमीन से जुड़े मामलों को निपटाने और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की सुविधा प्रदान किए जाने का लक्ष्य रखा गया था। ताकि ग्रामीणों का जीवन आसान हो सकें और उन्हें ब्लॉक से लेकर तहसील मुख्यालयों के चक्कर न काटने पड़े। जिले के 899 ग्राम पंचायतों में से 70 में पंचायत सहायकों की तैनाती नहीं है। जबकि 35 में अब तक पंचायत भवनों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इनमें कई ग्राम पंचायतों में चिह्नित जमीन व भवन विवाद में फंसे हुए हैं। ऐसे में इनका संचालन अधर में अटका हुआ है। इन ग्राम पंचायतों में फार्मर रजिस्ट्री, पीएम आवास सर्वे जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के अलावा वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग पेंशन योजना, जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल जैसे कार्यों के लिए भी ग्रामीण भटकने को मजबूर हैं।
सहायक की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू
रिक्त पंचायत भवनों में सहायक की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्द ही इसका विज्ञापन प्रसारित होगा। शेष स्थानों पर विवाद समाप्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। - अवनीश कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ