यूपी के अंबेडकरनगर में भीटी क्षेत्र के महापारा गांव में बुधवार रात पिता की गंभीर बीमारी से आहत सभाजीत (27) ने फांसी लगा ली। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला गया। इसके बाद सीएचसी भीटी ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के अनुसार, बुधवार रात करीब 10 बजे सभाजीत बिना खाना खाए अपने कमरे में सोने चले गए थे। उनकी पत्नी किरन घर के अन्य काम कर रही थीं। कुछ देर बाद जब परिजन उन्हें खाना खाने के लिए बुलाने लगे तो अंदर से दरवाजा बंद मिला।
खिड़की से झांकने पर सभाजीत को कमरे में बल्ली के सहारे साड़ी के फंदे से लटकता हुआ पाया। इसकी सूचना तुरंत डायल 112 को दी गई। पुलिस के पहुंचने पर दरवाजा तोड़ा गया। आनन-फानन उन्हें सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक की भाभी रूपा ने बताया कि उनके ससुर धर्मराज निषाद कैंसर से पीड़ित हैं। उनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। सभाजीत अक्सर यह कहते थे कि यदि उनके पिता को कुछ हो गया तो वह भी जीवित नहीं रहेंगे। पिता की बीमारी से सभाजीत गहरे सदमे में थे। सभाजीत की मौत से पांच वर्षीय बेटे समर और ढाई वर्षीय बेटी शिवानी के सिर से पिता का साया उठ गया है। इंस्पेक्टर कृष्णबली सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।