कटेहरी। क्षेत्र के शिव बाबा धाम परिसर में आयोजित पांच दिवसीय रामकथा विश्राम के बाद बुधवार को हवन-पूजन व यज्ञ का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। आचार्य राकेश ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने का माध्यम भी है। पांच दिनों तक चली रामकथा के दौरान रामायण के विभिन्न प्रसंगों का क्रमबद्ध वर्णन किया गया। कथा में मर्यादा, कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े विषयों को प्रमुखता से रखा गया।