विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन का कलेक्ट्रेट के निकट चला आ रहा अनिश्चितकालीन धरना रविवार को भी जारी रहा। कहा गया कि जिले के किसान लंबे समय से विभिन्न प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन शिकायत के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
चेतावनी दी गई कि जब तक उनकी मागों का निस्तारण नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष हजारीलाल ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का समुचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। क्रय केंद्रों की मनमानी के चलते धान किसानों को अपना धान आढ़तियों के हाथों औने पौने दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कहा कि मनमानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते 1 अप्रैल से गेहूं खरीद का कार्य प्रारंभ हुआ है, लेकिन अभी तक किसी भी क्रय केंद्र पर एक छटाक गेहूं नहीं खरीदा जा सका है। ऐसे में जिस प्रकार से धान बिक्री को लेकर किसानों को परेशान होना पड़ा था, उसी प्रकार से गेहूं बिक्री में उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
वक्ताओं ने कहा कि टांडा में एक केरोसीन तेल डिपो में घटतौली की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। नतीजा यह है कि घटतौली का दौर लगातार जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन को इसकी कोई सुध नहीं है।
वक्ताओं ने संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही आवश्यक कदम नहीं उठाया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। तय किया गया कि मांगों का निस्तारण होने तक धरना जारी रहेगा।
इस दौरान सिलवंत सिंह, बृजेंद्र वर्मा, केशवराम, मोहम्मद कलीम, रईस, स्वामीनाथ तिवारी, रामजनम, आनंद सिंह, रवींद्र सिंह, बब्लू सिंह, रवि चंदानी, शिवसागर वर्मा, नौशाद आदि मौजूद रहे।