सदरपुर। मालीपुर क्षेत्र के बेलऊआ बरियारपुर गांव में रविवार को पुराना मकान तोड़ते समय अचानक पूरा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। इस दौरान मजदूर मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दरगाह शाह रमजान निवासी जगदीश राजभर (50) मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। रविवार सुबह वह बेलऊआ बरियारपुर गांव में दिनेश चतुर्वेदी के एक पुराने मकान को तोड़ने का काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जगदीश छत पर चढ़कर हथौड़े से छज्जा तोड़ रहे थे। इसी दौरान करीब 11.30 बजे अचानक जर्जर छत ढह गई और वह मलबे के नीचे दब गए।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और मकान मालिक ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला और एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जहां देर शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पत्नी और बच्चों का बुरा हाल
हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जगदीश अपने पीछे पत्नी किस्मती देवी, तीन पुत्र कन्हैया लाल, अजय कुमार और राहुल कुमार और दो पुत्रियों काजल कुमार और आंचल को छोड़ गए हैं। पत्नी किस्मती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है जबकि बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। थानाध्यक्ष शशांक शुक्ला ने बताया कि अभी तक परिवार के लोगों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों पर सवाल-
इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुरानी इमारतों को तोड़ते समय बरती जाने वाली सावधानियां और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस तरह के हादसों को रोकने के लिए कड़े नियमों और उनके प्रभावी कार्यान्वयन की आवश्यकता है।
अज्ञात वाहन की टक्कर से साइकिल सवार की मौत
सद्दरपुर। सुल्तानपुर जिले के अखंडनगर क्षेत्र में सरसों की पेराई कराकर लौटते समय अज्ञात वाहन की टक्कर से हरिलाल दूबे की मौत हो गई। सुल्तानपुर जिले के अखंडनगर के डोमापुर निवासी छोटे लाल ने बताया कि उनके बड़े भाई हरिलाल दूबे (48) रविवार की शाम को गांव के बाजार में अपनी सरसों की पेराई कराने गए थे। रात लगभग 08.30 बजे, जब वे साइकिल से वापस अपने गांव के निकट पहुंच रहे थे, तभी एक अज्ञात वाहन ने अनियंत्रित होकर उनकी साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण हरिलाल दूबे के सिर पर गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों ने आननफानन उनको जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई।