बसिरहा गांव के दलित परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के पास प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने और दूसरे पक्ष द्वारा बीते सोमवार को घर में घुसकर तोड़फोड़ व कीमती सामान उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने केस दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
दो दिन पूर्व बेवाना थाना क्षेत्र अंतर्गत बसिरहा गांव में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में भूमि पैमाइश के दौरान दलित व यादव पक्ष के बीच विवाद हो गया था। आक्रोशित दलित पक्ष के लोगों ने न सिर्फ यादव पक्ष, बल्कि पुलिस टीम पर पथराव किया था। इससे एक दरोगा सहित चार सिपाही घायल हो गए।
दलित पक्ष के लोगों का आरोप है कि सोमवार रात यादव पक्ष ने उनके घरों में तोड़फोड़ की और कीमती सामान उठा ले गए। घर में महिलाओं के साथ मारपीट व अभद्रता भी की। इस पर जब वे सब शिकायत करने व केस दर्ज कराने के लिए बेवाना थाना गए, तो वहां से उन्हें डांटकर भगा दिया गया।
मंगलवार को दलित पक्ष के लोगों ने कलेक्ट्रेट के समक्ष पहुंचकर प्रदर्शन किया। शांतिदेवी, बृजेश कुमार, अनारादेवी, केशवराम, केवलादेवी, चुन्नीलाल, सुमन, नंदलाल, रामनेवल, दुबराज आदि ने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह मनमानी पर उतर आया है। चेतावनी दी गई कि उनकी तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज नहीं किया गया, तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।