डेंगू बुखार की चपेट में आई महिला को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ ले जाते समय शुक्रवार देर शाम मौत हो गई। इससे परिवारीजनों में रोना-पीटना मचा हुआ है। उधर, तहसील क्षेत्र में डेंगू व तेज बुखार की चपेट में आने से अब तक छह से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
तहसील क्षेत्र टांडा अंतर्गत मुसहां गांव निवासिनी फरजाना (42) पत्नी शमीम अहमद लगभग दस दिन पहले तेज बुखार की चपेट में आ गई। जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए। परिवारीजनों ने उसे नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बावजूद उसकी तबियत लगातार बिगड़ती गई।
इससे चिंतित परिवारीजनों ने शुक्रवार दोपहर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां हालत की गंभीरता को देखते हुए उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इससे परिवारीजनों में रोना-पीटना मच गया। इससे गांव में दहशत के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी भी व्याप्त है।
गौरतलब है कि टांडा तहसील क्षेत्र में डेंगू व तेज बुखार का प्रकोप अन्य तहसीलों के सापेक्ष काफी अधिक है। अब तक अलग-अलग क्षेत्रों में छह से अधिक की डेंगू से मौत हो चुकी है। इनमें मुसहां निवासिनी निशात पत्नी अबूलेस, मीरानपुरा निवासिनी दरख्शा अंजुम पत्नी सईद अहमद, राजघाट निवासी जावेद अख्तर पुत्र हाफिज सरवर, सिटकहा निवासी नेहाल अहमद पुत्र दीनदीयाल व मुमताजगंज निवासी अमनरजा पुत्र कलीम आदि शामिल हैं।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे डेंगू के प्रकोप और उससे होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि के बावजूद प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अलग-अलग स्थानों पर स्वास्थ्य कैंप अवश्य लगाया जाता है लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहा है। नतीजतन दिन-प्रतिदिन डेंगू की चपेट में आने वालों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है।