वे लेखपाल संघ के भीटी तहसील अध्यक्ष भी रह चुके हैं। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक गांव निवासी शिवबहादुर सिंह अपने बड़े पुत्र के साथ गुरुवार भोर में लगभग पांच बजे मार्निंग वाक पर निकले हुए थे। इसी बीच अचानक उनके घर से धुआं निकलने लगा। इसी के साथ ही महिला के चीखने चिल्लाने की आवाज आने लगी।
इस पर एक अलग कमरे में सो रहे उनकी तीन पुत्रियां गरिमा (23), महिमा (20), प्रज्ञा सिंह (15) व एक पुत्र स्वतंत्र विक्रम (17) बाहर निकल आए और अपनी मां को आग की लपटों में घिरा देखकर शोर मचाने लगे। गोहार पर इर्दगिर्द के घरों में सो रहे ग्रामीण व मार्निंग वाक पर निकले शिवबहादुर भी अपने बड़े पुत्र शार्दूल विक्रम सिंह (25) के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
वहां का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। मीरा पूरी तरह आग की लपटों से घिरी थी। किसी की कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वे किस प्रकार आग पर काबू पाएं। इसी बीच मीरा बेहोश होकर भूमि पर गिर पड़ी। आग बुझने तक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी।
जब तक परिवारीजन उसे उपचार के लिए ले जाने की तैयारी करते तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस बीच सूचना मिलने पर एसओ सोमेश्वर सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव को अभिरक्षा में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ श्री सिंह ने बताया कि अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
परिवारीजनों के अनुसार महिला अलाव ताप रही थी। अचानक अलाव से निकली चिन्गारी से उसके शरीर में आग लग गई। और ये हादसा हुआ। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। बताया जाता है कि शिवबहादुर भीटी तहसील के रामबाबा में लेखपाल के पद पर कार्यरत हैं।
घटना की जानकारी होने पर नायब तहसीलदार रामसूरत पाल के अलावा राजस्व विभाग के कई कर्मचारियों ने पहुंचकर परिजनों को ढांढ़स बंधाया और आवश्यक जानकारी हासिल की।