अंबेडकरनगर। पिछले तीन दिनों से मौसम किसानों के विपरीत चल रहा है। रविवार की भोर बूंदाबांदी, सोमवार को हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। अब सोमवार सुबह से निकली तेज धूप और 20 से 25 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही हवा फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। आम का बौर लगातार झड़ रहा है। गेहूं और सरसों की फसल गिर रही है। हालात यही रहे तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ जाएगा।
सोमवार दिन की शुरुआत तेज धूप के साथ हुई। इसके बाद हवा चलना शुरू हो गई। देखते ही देखते हवा की रफ्तार 20 से 25 किमी प्रति घंटे तक जा पहुंची। आम के बौर से लदे पेड़ देख गदगद हो रहे बागवान के माथे पर हवा ने चिंता की लकीरें खींच दी हैं। यहां करीब 4800 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर आम की बागवानी होती है, जिन पर करीब 13 हजार बागवानों की उम्मीदें टिकी हुई हैं।
इस बार बौर काफी अच्छा आया था, लेकिन लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव से करीब 20 प्रतिशत बौर टूट चुका है। हालात यही रहे तो फसल तैयार होने से पहले किसानों को घाटा हो जाएगा। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में रविवार व सोमवार को पानी गिरा है, वहां गेहूं, सरसों, मसूर व अन्य फसलों के पौध गिर रहे हैं। इससे उत्पादन पर असर पड़ जाएगा।
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अधपकी फसल पर संकट
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गेहूं और सरसों की फसल को मौसम में उतार-चढ़ाव से नुकसान हो रहा है। किसान जल्दी-जल्दी फसल काट रहे हैं, लेकिन जहां फसलें तैयार नहीं हैं, वहां अधिक समस्या है।
आत्माराम वर्मा, रतनपुर
करना पड़ेगा इंतजार
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कई खेतों में हवा के कारण फसल गिर गई है। अब मौसम में सुधार होने तक इंतजार किया जाएगा, तभी फसल की कटान हो पाएगा, अन्यथा नुकसान अधिक होगा।
अजय वर्मा, अन्नावा
क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक
हवा और तापमान में बदलाव से गेहूं, सरसों, आम, मसूर, चना, मटर को अधिक नुकसान है। किसान फिलहाल खेतों की सिंचाई करने से बचें। पानी होने पर फसल तेजी से गिरेंगी और उत्पादन कम होगा।
- डॉ. रामजीत, अध्यक्ष कृषि विज्ञान केंद्र