किसानों से खरीदा गया गेहूं भंडारण के अभाव में बर्बाद न हो इसलिए प्रशासन जिले के तीन गोदामों को किराए पर लेने की तैयारी में है। फिलहाल अंबेडकरनगर व जौनपुर जनपद को मिलाकर लगभग साढ़े तीन लाख क्विंटल गेहूं भंडारण करने की क्षमता है जबकि खरीद का कुल लक्ष्य लगभग छह लाख क्विंटल है। ऐसे में किसानों के गेहूं की आवक तेज होने पर भंडारण के लिए जगह की कमी पड़ सकती है।
इससे बचने के लिए ही प्रशासन जिले में मौजूद तीन अलग-अलग गोदामों को किराए पर लेने की तैयारी में है। इसके लिए किराए की दर आदि को लेकर प्रक्रिया चल रही है। गेहूं की कटान शुरू हो चुकी है। हालांकि इसकी गति अभी तेज नहीं है। ऐसे में गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद का कोई दबाव फिलहाल नहीं है लेकिन आने वाले दिनों में गेहूं की आवक तेज होने की साथ ही खरीद के लिए दबाव बढ़ सकता है।
किसानों के गेहूं की खरीद बेहतर ढंग से हो, इसके लिए अलग-अलग एजेंसियों के कुल 54 केंद्र जिले भर में स्थापित किए गए हैं। छह नए केंद्रों की स्थापना की भी तैयारी चल रही है। खरीद का कोई लक्ष्य तो अभी नहीं आया है लेकिन वर्ष 2012-13 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए लगभग छह लाख क्विंटल गेहूं की खरीद किया जाना मानकर प्रशासन चल रहा है। खरीद के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ा संकट भंडारण को लेकर ही रहता है।
कारण यह कि जिले में सिर्फ टांडा में ही भारतीय खाद्य निगम का लगभग 42 हजार क्विंटल क्षमता वाला गोदाम है। जौनपुर जिले के शाहगंज में जो गोदाम है, उसमें से लगभग डेढ़ लाख क्विंटल क्षमता वाले स्थान को अंबेडकरनगर के लिए निर्धारित किया गया है। इसके अलावा प्रशासन के पास भंडारण का कोई और प्रबंध नहीं है। ऐसे में प्रशासन ने जिले में मौजूद कई वैकल्पिक स्थानों पर भंडारण के लिए आवश्यक तैयारी शुरू कर दी है।
अकबरपुर-इल्तिफातगंज मार्ग पर केदारनगर के निकट बीज विकास निगम का लगभग 40 हजार क्विंटल क्षमता का एक गोदाम स्थापित है। वहां आवश्यकता पड़ने पर भंडारण के लिए प्रक्रिया चल रही है। किराए की दर आदि तय किया जाना है। अकबरपुर नगर में फैजाबाद रोड पर सूर्या कांस्ट्रक्शन का 11 लाख 20 हजार क्विंटल क्षमता का निजी गोदाम है। पूर्व में इसे एक बार किराए पर लिया भी जा चुका है।
इस निजी संस्था से भी बात चल रही है ताकि जरूरत पड़ने पर इस गोदाम को भी भंडारण के लिए प्रयोग में लाया जा सके। हालांकि किराए का मामला यहां भी पेच फंसा रहा है। प्रशासन की निगाह मालीपुर रोड स्थित नवीन मंडी परिसर के टीनशेडों पर भी है। यहां लगभग 10 हजार क्विंटल अनाज रखने के लिए जगह मौजूद हैं।
लगभग तीन वर्ष पूर्व यहां एक बार भंडारण हो चुका है लेकिन बारिश में भीगने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा एक समस्या यह भी है कि उस समय वहां पर मंडी समिति पूरी तरह स्थापित नहीं हुई थी जबकि अब शहजादपुर की सब्जी मंडी इस नए स्थान पर शिफ्ट हो चुकी है। ऐसे में यदि यहां प्रशासन ने भंडारण का प्रयास किया तो उसे व्यापारियों के विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है।