अंबेडकरनगर। जिले में पिछले तीन से चार दिनों से मौसम का मिजाज बदल गया है। दिन में तेज धूप तो सुबह व शाम ठंड का अहसास बना हुआ है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ा तो गेहूं की फसल को नुकसान होने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे बालियां कमजोर होने के कारण उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। बुधवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा।
दरअसल, कृषि प्रधान जनपद में रबी के चालू सीजन में कृषि विभाग की ओर से 1,19,261 हेक्टेयर में गेहूं की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उत्पादन 381.745 टन व उत्पादकता 33.18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रखी गई है। वर्तमान में जौ, चना, मसूर, सरसों के साथ गेहूं की खेती विकास पर है। गेहूं की फसल में बालियां निकलने की स्थिति आने वाले दिनों में बनेगी। एक सप्ताह पूर्व तक गेहूं की फसल के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ था।
जनपद में गेहूं की बोआई विलंब से हुई है। अभी फसल में बालियां निकलनी आरंभ नहीं हुई हैं। यदि तापमान में वृद्धि होगी तो फसल का विकास प्रभावित होने से उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। -
डाॅ. रामजीत विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र पांती
तापमान में वृद्धि होगी तो गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे उत्पादन भी प्रभावित होगा। -
डॉ. अश्वनी कुमार सिंह, उपकृषि निदेशक