अंबेडकरनगर। मौसम का मिजाज बदल रहा है। पिछले कुछ दिनों से ठंड में गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे मुख्य रूप से गेहूं की फसल के लिए स्थिति संकट पूर्ण होती जा रही है। किसानों की मानें तो इस समय तापमान का गिरना जरूरी है। दोपहर के समय चटख धूप से लोगों के पसीने छूट गए। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक तापमान बढ़ने और ठंडक में कमी आने से गेहूं की पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को जिले का न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सुबह और शाम हल्की ठंड महसूस की जा रही है। दिन चढ़ते ही गर्मी का असर स्पष्ट दिखने लगा है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं की फसल के लिए पर्याप्त ठंड और शीतलहर जरूरी है क्योंकि इससे पौधों की वृद्धि संतुलित रहती है और दानों में मजबूती आती है। वर्तमान मौसम परिस्थितियों में यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।