बसखारी। विकास खंड क्षेत्र बसखारी के मुजाहिदपुर गांव में शुक्रवार रात अचानक माइनर की पटरी कट जाने से करीब सौ बीघा गेहूं, सरसों व मटर आदि की फसल जलमग्न हो गई। किसानों को इसकी जानकारी शनिवार सुबह हो सकी। बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद किसी तरह कटान बंद की। आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप है कि नहर विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई लेकिन कोई भी नहीं आया। बाद में टांडा तहसील से राजस्वकर्मी ने गांव पहुंचकर जायजा लिया और रिपोर्ट तैयार की।
शनिवार सुबह मुजाहिदपुर गांव में उस समय अफरातफरी मच गई जब किसानों को पता चला कि माइनर की पटरी टूट गई है। माइनर का पानी तेजी से खेतों की तरफ बढ़ रहा है। दर्जनों किसानों की फसलें डूब चुकी हैं। बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे। सूचना नहर विभाग के अधिकारियों को दी गई। फिलहाल कोई अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दर्जनों किसानों ने किसी तरह पटरी को दुरुस्त किया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राम अछैबर मौर्य ने बताया कि माइनर के पानी से करीब सौ बीघा, गेहूं, सरसों, मटर, आलू व चना आदि की फसल जलमग्न हुई है। इसमें नबी अहमद, अशोक, राजेश कुमार, रामयज्ञ, विजय प्रकाश, शमी अहमद व गिरीश मौर्य सहित करीब तीन दर्जन किसानों की फसलें डूब गई हैं। माइनर की कटान से हुए जलभराव से किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
किसानों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से नहर विभाग से शिकायत दर्ज करायी जा रही थी कि कई जगह पटरी कमजोर हो गई है। समय रहते इसकी मरम्मत करा दी जाए। माइनर सफाई में भी मनमानी की गई जिसके चलते पटरी क्षतिग्रस्त हुई और इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा।
ग्रामीणों की सूचना के बाद दोपहर बाद राजस्व निरीक्षक हुसैन अहमद राजस्व कर्मियों के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने जलमग्न हुई फसल का निरीक्षण किया और रिपोर्ट तैयार की। कहा कि यह रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंपी जाएगी।