संवाद न्यूज एजेंसी
जहांगीरगंज (अंबेडकरनगर)। घर-घर से कचरा एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से आरआरसी केंद्रों पर उसके निस्तारण की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। केंद्रों पर लगा सरकारी धन अब स्वयं कूड़े की तरह बेकार पड़ा है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2023 में ब्लॉक के देवरिया लाला और भभोरा सहित सभी गांवों में कचरा निस्तारण केंद्र स्थापित कर दिए गए थे। साथ ही निर्देश दिए गए थे कि प्रतिदिन घर-घर से कचरा संग्रह कर केंद्रों पर निपटान किया जाए। कई ग्राम पंचायतों ने कूड़ा वाहन भी खरीदे, लेकिन यह पूरी व्यवस्था अब कागजों में ही सिमटकर रह गई है।
कूड़ा निस्तारण केंद्रों पर कोई गतिविधि नहीं, वहीं गांवों की सड़कों व चौराहों पर कचरा खुला पड़ा दिखाई देता है। कई पंचायतों द्वारा खरीदे गए कूड़ा वाहन भी उपयोग में नहीं लाए जा रहे।
ग्रामीण सुरेश, अमरबहादुर और मुकेश का कहना है कि वाहन खरीदे तो गए, लेकिन वे ज्यादातर समय खड़े-खड़े जंग खा रहे हैं। केंद्रों पर खर्च हुआ पैसा अब बेकार साबित हो रहा है। एडीओ पंचायत बृजेश वर्मा ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण का कार्य अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां सुधार कराया जाएगा। सभी पंचायतों को नियमित कचरा संग्रहण और आरआरसी केंद्रों के संचालन के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही स्थिति में सुधार दिखाई देगा।