फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूछताछ के लिए लाया जा रहा था ः एसपी

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जैतपुर में जानलेवा हमले व लूट का मामला वादी प्रदीप कुमार ने दर्ज कराया था। इसमें जैतपुर निवासी 50 हजार के इनामी बदमाश उमानाथ गिरि को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसी मामले में आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद परसहां निवासी कमर रशीद की तलाश थी। मुखबिर से सूचना मिली थी कि जियाउद्दीन कमर रशीद के बारे में जानकारी दे सकता है। इसी सिलसिले में जियाउद्दीन को पूछताछ के लिए लाया जा रहा था। स्
विज्ञापन

वाट टीम गाड़ी में ही पूछताछ कर रही थी। सीने में दर्द की शिकायत पर आरक्षी हरिकेश ने उसे रात में जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां आधे घंटे बाद उसकी मौत हो गई। जियाउद्दीन को जब भर्ती किया गया तब उसने चिकित्सकों को सांस फूलने, सीने व पेट में दर्द की जानकारी दी थी। एसपी ने बताया कि मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग व स्टेट ह्यूमन कमीशन को सूचना भेज दी गई है। जरूरी गाइड लाइंस का पालन किया जा रहा है। पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के बीच कराया जा रहा है, जिसमें कई चिकित्सकों का पैनल रहेगा।
भिजवा तीन लाख वरना ले लेंगे जान
जिला अस्पताल पहुंचे जियाउद्दीन के भाई शहाबुद्दीन ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि मेरे भाई को पुलिस कर्मियों ने प्रताड़ित किया। उससे तीन लाख रुपये की वसूली का दबाव पुलिस कर्मी बना रहे थे। जियाउद्दीन ने अपनी पत्नी फुजैला बानो को फोन कर कहा था कि तीन लाख रुपये का प्रबंध कर भिजवा दो वरना ये लोग मेरी जान ले लेंगे। शहाबुद्दीन ने कहा कि हम लोग अचानक इतना पैसा कहां से लाते। कुछ पता भी नहीं चल रहा था कि मेरा भाई कहां पर है। शहाबुद्दीन ने कहा कि स्वाट टीम के प्रभारी व पुलिस कर्मियों ने पीट-पीटकर मेरे भाई को मार डाला है। उन सभी पर हत्या का केस दर्ज किया जाना चाहिए।
विज्ञापन

रातभर भटकते रहे, नहीं लगा कुछ पता
जियाउद्दीन के परिवारीजनों ने बताया कि 25 मार्च की देर रात जियाउद्दीन की पत्नी फुजैला के मोबाइल पर फोन आया कि आपके पति की तबियत बहुत खराब है। फौरन अस्पताल आ जाइए। इतना कहकर फोन काट दिया। बाद में मोहल्ले के दो अन्य नागरिकों के पास फोन आया कि जियाउद्दीन को हार्ट अटैक हो गया है। जियाउद्दीन कहां है, यह बताने वाला कोई नहीं था। संबंधित फोन नंबरों पर कई बार कॉल की गई, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। परिवार के सदस्य रात में ही आजमगढ़ जनपद के पवई थाने गए, लेकिन वहां से कोई जानकारी नहीं मिल पाई। कहा गया कि जैतपुर थाने जाकर पता करो। रात में ही जैतपुर थाने से संपर्क करने पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। इससे परिवार के सभी सदस्य परेशान रहे। अंतत: शुक्रवार दोपहर पता चल पाया कि जियाउद्दीन की अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में मृत्यु हो गई है।
बहुत सीधा था जियाउद्दीन
अंबेडकरनगर जिला अस्पताल पहुंचे जियाउद्दीन के चचेरे भाई डॉ. आफाक अहमद ने बताया कि जियाउद्दीन अत्यंत सीधा था। वह लकड़ी के छोटे-छोटे टुकड़ों की बिक्री करने का काम करता था। इसी से उसकी जीविका चलती थी। अंबेडकरनगर स्वाट टीम के पुलिस कर्मी उसे 24 मार्च की शाम पकड़ ले गए। इसके बाद उसका उत्पीड़न करते रहे। पिटाई आदि के चलते ही उसकी मौत हो गई। आफाक ने बताया कि पुलिस से फोन आने के बाद जब कुछ पता नहीं चल रहा था तो शुक्रवार दिन में वे सब जलालपुर विधायक सुभाष राय के पास पहुंचे। उन्हें पूरा घटनाक्रम बताया। उन्होंने भी कई बार उस मोबाइल नंबर पर फोन किया तो भी रिसीव नहीं हुआ। हालांकि बाद में विधायक का फोन उठने के बाद पता चला कि जियाउद्दीन का शव अंबेडकरनगर के जिला अस्पताल में रखा है।
परिवारीजनों में मचा कोहराम
जियाउद्दीन की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। पत्नी फुजैला रह-रहकर बेहोश हो जाती दिखीं तो वहीं पिता अलाउद्दीन व उनकी पत्नी बेटे की मौत से स्तब्ध हैं। उन्हें यह यकीन ही नहीं हो रहा कि अब जियाउद्दीन इस दुनिया में नहीं हैं। जियाउद्दीन की मौत से उसके पुत्र फैज (12) तथा पुत्री अतुफा (06) के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिवारीजनों ने बताया कि जियाउद्दीन कुल पांच भाइयों में से दूसरे नंबर पर था। जियाउद्दीन व उससे एक छोटा भाई गांव में रहते थे, जबकि तीन अन्य भाई बाहर रहकर जीवनयापन करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें