अंबेडकरनगर। 15 साल तक स्वास्थ्य विभाग का वॉर्ड बॉय सरकारी अस्पताल की जमीन पर खेती कर सरकारी पानी से मनमानी की फसल लहलहाता रहा। शिकायत पर मामले की जांच हुई तो विभाग की ओर से उस पर प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की दर से डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह धनराशि सीएचसी के रोगी कल्याण समिति के खाते में एक सप्ताह के भीतर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उसका स्थानांतरण भी कर दिया है।
टांडा सीएचसी के बड़ागांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महेंद्र कुमार यादव वर्ष 2010 से वार्ड बॉय के पद पर तैनात हैं। यह अस्पताल परिसर की जमीन पर लगातार 15 सालों से खेती कर रहे हैं। आरोप है कि इसके लिए इन्होंने विभाग से कोई अनुमति नहीं ली थी। वह फसल की सिंचाई भी अस्पताल के ही समर्सिबल पंप से करते हैं, जिससे आए दिन पंप जलता है और पेयजल की समस्या अस्पताल में खड़ी हो जाती है। इसके अलावा चिकित्सा परिसर में ट्रैक्टर से जुताई के समय समर्सिबल पंप भी क्षतिग्रस्त किया गया। इसको लेकर चिकित्सा प्रभारी ने सीएमओ को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने कर्मचारी के इस काम को आचरण नियमावली के विपरीत माना है। इसे गैर कानूनी तरीके से राजकीय सम्पत्ति का दुरुपयोग किए जाने का दोषी मानते हुए प्रतिवर्ष 10 हजार के हिसाब से डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही कर्मचारी को पीएचसी से हटाकर सीएचसी बेवाना स्थानांतरित कर दिया है।
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वार्ड बॉय पर की गई कार्रवाई
वार्ड बॉय के खिलाफ अस्पताल की जमीन पर खेती करने, पानी आपूर्ति को बाधित करने के अलावा ठीक से काम न करने का भी दोषी पाया गया है। इस पर जुर्माने और स्थानांतरण की कार्रवाई की गई है।
डॉ. संजय कुमार शैवाल, सीएमओ