थाना क्षेत्र अकबरपुर अंतर्गत डइयाडीह गांव में शुक्रवार भोर में बारिश के दौरान अचानक कच्चा मकान ढह गया। घर में सो रही एक मासूम व वृद्ध समेत परिवार के तीन सदस्य दब गए। गुहार पर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबा हटाकर किसी तरह उन्हें बाहर निकाला। तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वृद्ध की हालत गंभीर है।
उधर, भीटी में एक पशुशाला ढह जाने से तीन मवेशियों की मौत हो गई जबकि दो की हालत गंभीर है। चार अन्य जगहों पर कच्चे घर ढह गए लेकिन संयोग से लोग बाल-बाल बच गए। डइयाडीह गांव निवासी बशीर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अपने छप्परनुमा मकान में सो रहे थे।
गुरुवार देर शाम से ही हो रही बारिश के चलते शुक्रवार भोर में लगभग चार बजे अचानक कच्ची दीवार भराकर ढह गई। इससे वहां सो रहे बशीर (75) पुत्र सम्मन, अफसाना (27) पत्नी बुन्नू व ताहिरा (01) पुत्री बन्नू मलबे के नीचे दब गए। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गुहार पर देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
आनन-फानन में ग्रामीणों ने मलबा हटाना शुरू कर दिया। लगभग आधा घंटे के अथक प्रयास के बाद तीनों को मलबे से निकला गया। आनन-फानन में उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, बशीर की हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जाता है कि बन्नू दिल्ली में निजी कंपनी में नौकरी करता है।
घटना की जानकारी होने पर राजस्व कर्मियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और मदद दिलाने का आश्वासन दिया। उधर, भीटी थाना अंतर्गत बीबीपुर सिटकहवा गांव में पशुशाला ढहने से पांच मवेशी उसकी चपेट में आ गए।
ग्रामीण जब तक मलबा हटाकर मवेशियों को बाहर निकालते, तब तक तीन मवेशियों की मौत हो चुकी थी जबकि दो मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गए। रामदुलार पुत्र भवानीप्रसाद का घर के सामने ही पशुशाला है। प्रतिदिन की तरह गुरुवार रात भी उन्होंने चार भैंस व एक पड़वा पशुशाला में बांध दिया।
देर रात लगभग दो बजे अचानक पशुशाला ढह गया। इससे मवेशी मलबे के नीचे दब गए। रामदुलार की गुहार पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। आनन-फानन में मलबा हटाए जाने का कार्य प्रारंभ किया गया।
लगभग एक घंटे के अथक प्रयास के बाद मलवा हटा लेकिन तब तक दो भैंस व एक पड़वा की मौत हो चुकी थी जबकि दो भैंस गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की जानकारी होने पर शुक्रवार सुबह तहसीलदार सुदामा वर्मा, नायब तहसीलदार रामसूरत पाल, ग्राम पंचायत अधिकारी नवीन बहादुर व पशु चिकित्साधिकारी कटेहरी ने मौके पर जायजा लिया।
साथ ही गंभीर रूप से घायल मवेशियों का इलाज किया। तहसीलदार ने घटना में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। उधर, टांडा के केदारनगर में रामस्वरूप के घर की एक दीवार छप्पर समेत ढह गई जबकि इसी थाना क्षेत्र के ऐशनवां में श्यामलाल का कच्चा घर शुक्रवार सुबह ढह गया।
जलालपुर के जैतपुर में श्रीकांत के घर की कच्ची दीवार गुरुवार देर रात ढह गई जबकि मालीपुर थाना क्षेत्र के सुरहुरपुर में दीनानाथ के घर की दीवार भी ढह गई है। इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।