शुरुआती दौर में संबंधित ग्राम पंचायतों में पोलिंग बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद मतदान में तेजी आई। हालांकि मतदान को लेकर मतदाताओं में अधिक उत्साह नहीं था। मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को सील कर उन्हें सुरक्षित संबंधित विकास खण्ड कार्यालय में रख दिया गया।
भीटी विकास खण्ड के मल्लेपुर व जलालपुर विकास खण्ड के कुसुमखोर ग्राम पंचायत में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान के निधन के बाद पद रिक्त चल रहा था। इसी प्रकार बसखारी, रामनगर व जहांगीरगंज विकास खंड में बीडीसी सदस्य के पांच पद रिक्त थे।
साथ ही बीते चुनाव में किसी भी प्रत्याशी द्वारा नामांकन न किए जाने से ग्राम पंचायत सदस्य के 78 पद रिक्त थे। बीते दिनों हुए नामांकन में ग्राम पंचायत सदस्य के लिए कुल 197 प्रत्याशियों, जबकि ग्राम प्रधान पद के लिए कुल 4 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था।
बसखारी विकास खण्ड के बीबीपुर ग्राम पंचायत में बीडीसी पद के लिए हुआ नामांकन पत्र निरस्त हो गया था, जबकि जल्लापुर साबुकपुर व रामनगर विकास खंड के भगवानपुर मंझरिया में एक एक प्रत्याशी होने से उनके निर्विरोध होने का मार्ग प्रशस्त हो गया था।
ऐसे में रविवार को जिले के 35 केंद्रों के 40 मतदेयस्थलों पर 78 ग्राम पंचायत सदस्य, दो बीडीसी व दो ग्राम प्रधान पद के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार को मतदान हुआ। मतदान सुबह सात बजे से होना था, लेकिन शुरुआत में मतदान काफी धीमा रहा।
भीटी प्रतिनिधि के अनुसार मल्लेपुर में ग्राम प्रधान के लिए हुए मतदान में सुबह दस बजे के बाद बूथों पर मतदाओं की लाइन लगनी शुरू हुई। यहां मतदान समाप्त होने तक 997 में 608 मतदाताओं ने अपने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार कुसुमखोर में ग्राम प्रधान पद के लिए हुए मतदान में 1198 के सापेक्ष 818 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया।
जहांगीरगंज प्रतिनिधि के अनुसार नवागांव व शिवराजपट्टी गांव में बीडीसी के दो पद के लिए मतदान हुआ। सभी पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
मतदानस्थल से 200 मीटर के क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटिकाओं को सील कर संबंधित विकास खण्ड कार्यालयों में सुरक्षित रखवा दिया गया। उधर सदस्य पद के लिए भी संबंधित ब्लाकों में मतदान का दौर शांतपूर्वक चला।