अंबेडकरनगर के टांडा मार्ग पर पेड़ के कटने के चलते घंटों बंद रहा बीआईपी लाइन
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर-टांडा मार्ग पर पुलिस लाइन के निकट रविवार सुबह आम के पेड़ की डाल टूटकर बिजली के तार पर गिर गया। इससे वीआईपी फीडर की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। वीआईपी फीडर से मामला जुड़ा होने के चलते तत्काल पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारी व कर्मचारी सक्रिय हो उठे। सूख चुके आम के पेड़ को काटने का कार्य प्रारंभ हो गया। शाम तक पेड़ काटकर गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल की जा सकी। इससे आठ घंटे से अधिक समय तक वीआईपी फीडर से जुड़े कलेक्ट्रेट, विकास भवन, समेत कई अन्य सरकारी कार्यालयों समेत लगभग 10 हजार की आबादी को बगैर बिजली के दिन गुजारना पड़ा। इससे उमस भरी भीषण गर्मी में संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें हुईं। उधर प्रभावित तमाम उपभोक्ताओं ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से तारों पर लटके पेड़ को काटे जाने की मांग की जा रही थी, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। यदि समय रहते पेड़ हटा दिया गया होता, तो शायद इस प्रकार की मुश्किल का सामना न करना पड़ता।
उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध कराने को लेकर एक बार फिर पॉवर कॉरपोरेशन अधिकारियों व कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस बार उनकी लापरवाही का दंश वीआईपी फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को झेलना पड़ा। दरअसल अकबरपुर टांडा मार्ग स्थित पुलिस लाइन के समक्ष एक आम का पुराना सूखा पेड़ है। दुर्घटना को दावत देते पेड़ को हटाए जाने की मांग लंबे समय से संबंधित क्षेत्र के नागरिकों द्वारा की जा रही थी, लेकिन इसकी सुध नहीं ली जा रही थी। नतीजा यह रहा कि रविवार सुबह दस बजे करीब पेड़ की सूखी डाल तार पर पड़ी, जिससे तार टूटकर गिर पड़ा। वीआईपी फीडर से जुड़ा तार होने के चलते कलेक्ट्रेट, विकास भवन, जनपद न्यायालय, जिला पंचायत कार्यालय, आफीसर्स कालोनी, अकबरपुर तहसील के अलावा पटेलनगर, हाजीपुर व रगड़गंज की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
वीआईपी फीडर से जुड़ा मामला होने के चलते सूचना मिलते ही पॉवर कॉरपोरेशन अधिकारी व कर्मचारी सक्रिय हो गए। आननफानन में कर्मचारियों व मजदूरों की फौज मौके पर पहुंच गई। पेड़ को काटने का प्रयास प्रारंभ कर दिया गया। शाम पांच बजे करीब पेड़ काटकर गड़बड़ी दूर कर आठ घंटे बाद आपूर्ति बहाल की जा सकी। इससे सरकारी कार्यालयों के अलावा लगभग 10 हजार की आबादी को बगैर बिजली के दिन काटने को मजबूर होना पड़ा।
रगड़गंज के सुधीर व पुलिस लाइन के अनुराग ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से दुर्घटना को दावत दे रहे सूखे व लटके आम के पेड़ को हटाने की मांग की जा रही थी। इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र भी भेजा गया। इसके बाद भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। यदि समय रहते पेड़ काट दिया जाता, तो शायद ऐसी समस्या से दो चार न होना पड़ता। उपभोक्ता राजितराम व उमेश कुमार ने कहा कि पेड़ हटाने संबंधित शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।
इस मामाले में पावर कॉर्पोरेशन के अधिशाषी अभियंत वीके पटेल ने बताया कि आम का पेड़ सूख चुका था। वह किसी भी समय गिर सकता था। किसी अनहोनी से पहले ही इसे काटकर हटा दिया गया। ऐसा करने में जो समय लगा, उसके बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई।