अंबेडकरनगर। जल संरक्षण को बढ़ावा देने और पर्यावरण संतुलन कायम रखने की दिशा में जिले में 19 नए अमृत सरोवरों के निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई है। चयनित ग्राम पंचायतों में मानसून के बाद इन जलाशयों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इससे न केवल भू-जल स्तर में सुधार होगा, बल्कि कृषि, पशुपालन और ग्रामीण रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
जिला प्रशासन की योजना के तहत पुराने पोखरों और तालाबों का जीर्णोद्धार कर उन्हें अमृत सरोवर का रूप दिया जा रहा है। मनरेगा के तहत बनने वाले प्रत्येक सरोवर पर 7 से 8 लाख रुपये तक की लागत प्रस्तावित है। इन जलाशयों के किनारों को पक्का कर पौधरोपण और बैठने की सुविधा भी विकसित की जाएगी। अब तक जिले में 503 अमृत सरोवरों का निर्माण हो चुका है। अब जिन ग्राम पंचायतों में पूर्व में सरोवर नहीं बने और जो मानक पर खरे उतरते हैं, वहां नए सरोवरों का निर्माण किया जाएगा। स्थल चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, कुछ स्थानों पर कार्य आरंभ भी हो गया था, जो बारिश के कारण फिलहाल रुका हुआ है।
ब्लॉकवार प्रस्तावित अमृत सरोवर
ब्लॉक
संख्या
अकबरपुर
03
बसखारी
02
भीटी
02
भियांव
05
जहांगीरगंज
01
जलालपुर
02
कटेहरी
01
रामनगर
01
टांडा
02
मानसून के बाद शुरू होंगे कार्य
सभी ब्लॉकों से 19 ग्राम पंचायतों का चयन अमृत सरोवर निर्माण के लिए किया गया है। कुछ स्थानों पर कार्य प्रारंभ हो चुका था। लेकिन बारिश के चलते रोकना पड़ा। मानसून के बाद निर्माण कार्य फिर से शुरू किया जाएगा। वर्तमान में जिले में 503 अमृत सरोवर पहले से मौजूद हैं।
— विजय अस्थाना, डीसी मनरेगा