सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। बुधवार को जलस्तर जहां खतरे के निशान 92.73 मीटर से 18 सेमी नीचे था, वहीं गुरुवार सुबह जलस्तर 92.58 मीटर दर्ज किया गया जो लाल निशान से साढ़े 14 सेमी नीचे था। हालांकि शाम चार बजते-बजते जलस्तर लाल निशान से साढ़े 16 सेमी नीचे पहुंच गया। इससे निकटवर्ती क्षेत्रों में कटान की आशंका बढ़ गई है जिससे ग्रामीणों में दहशत है।
माझा क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से समय रहते आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। गौरतलब है कि कुछ दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। सोमवार तक जहां जलस्तर लाल निशान से ऊपर था वही मंगलवार सुबह के बाद से उतार-चढ़ाव शुरू हो गया। बुधवार शाम चार बजे जलस्तर 92.55 मीटर दर्ज किया गया जो कि लाल निशान 92.73 मीटर से 18 सेमी नीचे था।
हालांकि गुरुवार सुबह एक बार फिर से जलस्तर में वृद्धि हुई और सुबह आठ बजे जलस्तर 92.587 मीटर दर्ज किया गया जो लाल निशान से साढ़े 14 सेमी नीचे था। जलस्तर में उतार-चढ़ाव से निकटवर्ती क्षेत्रों माझा उलटहवा, माझा डुहिया, माझा छज्जापुर, माझा इस्माइलपुर बेलदहा, माझा अवसानपुर, माझा फूलपुर, माझा मुबारकपुर आदि के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
हालांकि शाम होते-होते जलस्तर में एक बार फिर से गिरावट होने लगी। बाढ़ प्रखंड के अवर अभियंता चिंतामणि शर्मा के अनुसार गुरुवार शाम चार बजे जलस्तर 92.565 मीटर दर्ज किया गया जो कि लाल निशान से साढ़े 16 सेमी नीचे था। इस बीच जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से माझा क्षेत्रों में कटान की आशंका बढ़ गई है।
संबंधित गांवों के लोगों ने कटान रोकने के लिए समय रहते आवश्यक व्यवस्था किए जाने की मांग की। सबसे ज्यादा दहशतजदा राजघाट, महादेवा घाट, फूलपुर, अवसानपुर, डुहिया, चिंतौरा, माझा उलटहवा आदि क्षेत्रों के ग्रामीण हैं। उधर, तहसीलदार राजेश सिंह ने बताया कि जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। अभी कहीं कटान नहीं हुई है। कटान रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा रही है।