सरयू नदी के माझा क्षेत्र में शनिवार सुबह भटककर आए एक हिरन की जान ग्रामीणों ने बचाई। हिरन को घेर कर कुत्ते उसे नोच रहे थे। हिरन के चीखने चिल्लाने पर आसपास मौजूद लोगों ने मौके पर पहुंचकर कुत्तों को भगाया।
कुत्तों के काटने से हिरन गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने हिरन को अभिरक्षा में ले लिया और इलाज कराने के बाद सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। रविवार सुबह सरयू नदी के माझा क्षेत्र छज्जापुर में जंगल से भटककर एक हिरन आ गया। उसे वहां मौजूद 12 से अधिक कुत्तों ने घेर लिया और नोचने लगे।
हिरन के चीखने चिल्लाने पर कुछ लोगों ने कुत्तों को भगाना चाहा, तो वे उन पर ही हमलावर हो गए। इस पर पहुंचे आसपास मौजूद लोगों ने कुत्तों को मारकर भगाया। हालांकि कुत्तों के नोचने से हिरन गंभीर रूप से घायल हो चुका था।
ग्रामीणों ने घायल हिरन को सुरक्षित कर सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। इस पर वन रेंजर सुरेंद्रनाथ पांडेय ने मौके पर पहुंचकर घायल हिरन को अभिरक्षा में ले लिया और उसका इलाज कराया। वन रेंजर ने बताया कि इलाज के बाद हालत ठीक होने पर हिरन को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।