अंबेडकरनगर। गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास की रफ्तार अब तेज होगी। शासन ने जिले की पंचायतों को 20 करोड़ रुपये से अधिक का अनटाइड फंड जारी किया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में ज़मीनी स्तर पर काम होगा। इसमें 899 ग्राम पंचायतों को 14.45 करोड़, वहीं जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत को तीन-तीन करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह इस वित्तीय वर्ष की पहली किस्त है।
पंचायत प्रतिनिधि अब अपने क्षेत्र की स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजना बनाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ा सकेंगे। ग्रामीणों को सड़क, पानी, निकासी, सभा मंच जैसे जरूरी कार्यों में सीधे लाभ मिलेगा। अनटाइड फंड (मुक्त अनुदान) का उपयोग पंचायतें बिना किसी बंधन के स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुसार कर सकती हैं। इसका सीधा असर गांव के बुनियादी ढांचे पर पड़ेगा। इससे निर्माण, मरम्मत और रखरखाव के कार्यों में पारदर्शिता और तेजी दोनों आने की उम्मीद है।
गांवों में सड़क व पानी जैसी जरूरतें होंगी पूरी
अनटाइड फंड से अब गांवों में सड़क, बिजली और पानी जैसी जरूरी सुविधाएं मजबूत होंगी। इससे पंचायतों को मिले इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था सुधारने, सार्वजनिक जल स्रोतों के निर्माण और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं के लिए किया जा सकेगा। इससे ग्रामीणों को न सिर्फ राहत मिलेगी, बल्कि गांवों की जीवनशैली में भी बदलाव आएगा।
चुनावी साल में बड़ा संदेश
पंचायत चुनाव से पहले फंड जारी होने को सरकार की गंभीरता और जवाबदेही के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य इस आवंटन से उत्साहित हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से अटके हुए कार्य अब पूरे होंगे और जनता को सीधा फायदा मिलेगा।
पंचायतें खुद तय करेंगी विकास की दिशा
अब पंचायतें अपने क्षेत्रों की जरूरतों के मुताबिक फंड खर्च कर सकेंगी। सड़क, पानी और निकासी जैसे मूलभूत कार्यों में यह राशि अहम साबित होगी।
सर्वेश पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी