दवा लेकर घर जा रही युवती से छेड़छाड़ तथा अगवा करने के प्रयास के मामले में पुलिस द्वारा दो दिन बाद तक केस दर्ज न किए जाने पर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। मंगलवार को बड़ी तादाद में ग्रामीणों ने जैतपुर पहुंचकर थाने का घेराव किया और पुलिस प्रशासन के विरुद्घ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। ग्रामीणों के हंगामे के बाद हरकत में आई पुलिस ने आनन फानन में आरोपियों के विरुद्घ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया। जानकारी के अनुसार जैतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव निवासिनी 20 वर्षीय युवती बीते रविवार को अपने भाई के साथ रन्नूगंज बाजार गई थी।
वहां से वह दवा लेकर शाम छह बजे वापस घर आ रही थी। युवती के मुताबिक वह जैसे ही गांव के निकट स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास पहुंची, तभी वहां पहले से मौजूद गांव के ही तीन युवकों ने जबरन साइकिल रोककर उसे साइकिल से खींच लिया।
इसके बाद वे सब उसे अगवा कर दुष्कर्म के लिए नहर की तरफ ले जाने लगे। युवती के मुताबिक उसके गुहार लगाने के साथ ही उसका भाई मदद मांगने के लिए गांव की तरफ दौड़ा, तो उन तीनों ने उसके भाई की पकड़कर पिटाई शुरू कर दी। गुहार लगने पर पकड़े जाने के भय से इसके बाद तीनों युवक वहां से भाग खड़े हुए।
युवती ने घर आकर परिवारीजनों को प्रकरण की पूरी जानकारी दी। थाने में अगले दिन सूचना दी गई, लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। जलालपुर बसपा विधानसभा क्षेत्र प्रभारी रितेश पांडेय ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान मामला संज्ञान में आने पर सोमवार को एसओ जैतपुर से बात कर केस दर्ज करने को कहा। आश्वासन दिया गया लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ।
इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मंगलवार दोपहर बड़ी संख्या में गांव से महिलाएं व पुरुष तथा अन्य गांवों के लोग एकजुट होकर जैतपुर थाने पहुंचे। ग्रामीणों नेे विरोध में जमकर नारेबाजी की। कहा कि ऐसी मनमानी व लापरवाही के चलते ही अपराधियों के मनोबल बढ़ते रहते हैं।
ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस बैकफुट पर आ गई। आनन फानन में मामले में तीन आरोपियों अंकित, सत्यम व कल्लू के विरुद्घ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया। उधर एसओ ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसी कोई तहरीर आई ही नहीं थी, तो केस कहां से दर्ज होता। अब तहरीर मिली है, तो केस दर्ज करा दिया गया है।