सूचना मिलने के बाद एसडीएम अकबरपुर पुलिस बल व राजस्व टीम लेकर गांव पहुंचे। वहां सख्ती का प्रयोग कर अवैध निर्माण हटवा दिया गया। इस दौरान गांव में अफरातफरी का माहौल बना रहा।
तहसील क्षेत्र की दलित बस्ती छितूनी गांव में एक सार्वजनिक भूखंड पर गांव के ही कुछ दबंग लोगों ने जबरदस्ती कब्जा कर लिया था। गांव के लोग काफी समय से इस भूखंड से कब्जा हटवाने की मांग कर रहे थे।
दलितों का कहना है कि सरकारी कागजों में यह जमीन दलित आबादी के नाम से दर्ज है। इस पर दलित परिवारों के वैवाहिक आयोजन और अन्य सार्वजनिक कार्य होते रहते हैं।
उनका कहना है कि पहले तो इन लोगों ने इस भूमि पर जबरन बैरीकेडिंग करा ली, इसके बाद अब उस पर रामलीला के लिए चबूतरे का निर्माण शुरू कर दिया गया। बैरीकेडिंग हटवाने की मांग पहले भी प्रशासन से की गई थी लेकिन न तो अकबरपुर पुलिस ने ध्यान दिया न ही न ही तहसील प्रशासन ने।
सोमवार को चबूतरे का निर्माण कराते देख दलित बस्ती के लोग आक्रोशित हो गए। सभी दलित परिवार अपने मवेशियों के साथ टांडा रोड स्थित डीएम आवास पर पहुच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इस पर जिलाधिकारी ने विवेक ने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया और पुलिस टीम भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर अकबरपुर थाने से सिपाही छितुनी गांव कब्जा हटवाने के लिए पहुंचे। बताते हैं कि पुलिकर्मियों को देखते ही अतिक्रमणकारियों ने उन्हें दौड़ा लिया। पुलिसकर्मियों को वहां से बैरंग लौटना पड़ा।
इसकी सूचना पर एसडीएम सदर पुलिस व राजस्व टीम लेकर तत्काल गांव पहुंचे। वहां भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उन्होंने दलित आबादी के लिए छोड़ी गई भूमि से बैरीकेडिंग हटवाया। चबूतरे के निर्माण को भी रुकवा दिया गया।
प्रदर्शन में शामिल रहे गांव के रतनाथ, अमरनाथ, अनुराग, आलोक कुमार, कृष्णकुमार, रामबचन, लीलावती, सुमित्रा, संजय, रवि कुमार व स्नेहलता आदि का कहना है कि जब तक अवैध कब्जा नहीं हटता है, तब वह चुप नहीं बैठेंगे।