अंबेडकरनगर। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से जिले के मांझा कम्हरिया और आराजी देवारा क्षेत्र के गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर 85.30 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से सिर्फ 26 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में लगातार वृद्धि से निचले इलाकों में पानी भरने लगा है, वहीं कई खेत नदी में समा चुके हैं।
नदी की तेज धारा से कटान बढ़ गई है, जिससे बद्री का पूरा (निषाद बस्ती), पटपरवा, करिया लोनिया का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा समेत कई गांवों के बाहरी हिस्से में पानी भरने लगा हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, अगर यही हालात बने रहे तो जल्द ही गांव चारों ओर से पानी से घिर जाएंगे। स्थानीय निवासियों राजेश, रामचंद्र और फूदल ने बताया कि रातभर जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। कुछ मार्गों पर पानी चढ़ने से आवागमन प्रभावित होने लगा है। कई ग्रामीण पानी के बीच से होकर आने-जाने को मजबूर हैं।
एक दर्जन से अधिक मजरे बाढ़ के मुहाने पर
मांझा कम्हरिया के कल्लू का पूरा, सत्यनारायण का पूरा, नौका पूरा, पटपरवा, बद्री का पूरा और निषाद बस्ती, जबकि आराजी देवारा के करिया लोनिया का पूरा, हंशू का पूरा, सिद्धनाथ और प्रसाद कुर्मी का पूरा जैसे गांव बाढ़ की जद में आ चुके हैं। ग्रामीणों को फसलों, मवेशियों और घरों के नुकसान की आशंका सताने लगी है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है। एसडीएम आलापुर सुभाष सिंह ने बताया कि फिलहाल कोई तात्कालिक खतरा नहीं है, लेकिन एहतियातन बाढ़ राहत शिविर सक्रिय कर दिए गए हैं। तहसील कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है और नाविकों को अलर्ट कर दिया गया है।