अंबेडकरनगर। जिले में लगातार ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटौती से शहर से लेकर गांवों तक हाहाकार मच गया है। ग्रामीणों का सब्र गुरुवार को जवाब दे गया और जलालपुर-रामगढ़ मुख्य मार्ग को जाम कर धरना-प्रदर्शन किया गया।
बिजली विभाग की अनदेखी और ओवरलोडिंग के चलते आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है, जिससे कृषि कार्य, घरेलू जीवन और व्यापार सभी प्रभावित हो रहे हैं। जलालपुर विद्युत उपकेंद्र नेवादा से जुड़े 60 से अधिक गांवों – जैसे पेठिया, ताहापुर, सोनगांव, रामगढ़, निजामपुर, अम्बरपुर आदि में बुधवार रात से ही बिजली की आंखमिचौली जारी रही। बृहस्पतिवार की सुबह भी हर 10 मिनट पर ट्रिपिंग से परेशान ग्रामीणों ने नेवादा बिजली घर पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद जलालपुर-रामगढ़ मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी नरेश राठौर मौके पर पहुंचे और ओवरलोड को वजह बताते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया।
33 हजार वोल्ट का तार टूटा, 40 गांवों में 7 घंटे गुल रही बिजली
महरुआ के सारंगपुर दियरा गांव के पास भोर 4:30 बजे 33 हजार वोल्ट का बिजली तार टूट गया, जिससे रामबाबा, बरामदपुर, चक्रसेनपुर, मथानी, सुखारीगंज, नरसिंहदासपुर समेत 40 गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। बिजली कर्मी फॉल्ट ढूंढने में जुटे रहे, लेकिन सफलता करीब 7 घंटे बाद मिली। सुबह 11:30 बजे आपूर्ति बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
किसानों की दोहरी मार, रात में सिंचाई को मजबूर
मथानी के किसान मनीष निषाद ने बताया कि बिजली न होने से खेतों की सिंचाई रुक गई है।
धर्मेंद्र यादव, अमरनाथ यादव, संतोष प्रजापति सहित कई किसानों ने कहा कि उन्हें रातभर जागकर डीजल पंप से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे लागत भी बढ़ गई है। अकबरपुर के बरवा बैरमपुर और वीआईपी फीडर पर को पूरे दिन बिजली बाधित रही। गर्मी और उमस से लोग परेशान होते रहे।
ओवरलोडिंग से कटाैती बढ़ी
ओवरलोडिंग के कारण तार टूटने और ट्रिपिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। उपभोक्ता अनावश्यक बिजली उपकरणों का प्रयोग न करें।
राजकुमार त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता