केदारनगर। नगर पंचायत इल्तिफातगंज के विस्तारीकरण की मांग ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा इससे लेकर अब आरपार के मूड में नजर आ रही है। विस्तारीकरण के लिए जो पुराना प्रस्ताव तैयार किया गया था, उसमें तीन गांवों को आंशिक रूप से शामिल करने की बजाए भाजपा नेताओं ने संबंधित गांवों सहित तीन अन्य गांवों को पूर्ण रूप से शामिल करने की मांग की है। कहा कि इससे नगर पंचायत को बेहतर राजस्व का भी लाभ मिलेगा। भाजपा जिलाध्यक्ष ने इस मामले को लेकर नगर विकास मंत्री व मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की भी बात कही है। बताते चलें कि बीते दिनों इल्तिफातगंज नगर पंचायत के विस्तारीकरण की सुगबुगाहट शुरू हुई।
बताया जाता है कि नगर पंचायत की तरफ से मोहितजोत आंशिक, जिगना आंशिक, मीरानपुर बभनपुरा आंशिक तथा एक गांव ढेलमऊ जो कि वर्तमान में सलारपुर ग्राम पंचायत का एक राजस्व गांव है को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके लिए नगर पंचायत बोर्ड की बैठक भी हुई। इसमें भाजपा के नामित सभासद राकेश शर्मा, शशि प्रसाद कसौधन व लालचंद्र अग्रहरि ने प्रस्ताव का विरोध किया। उनका कहना था कि नगर पंचायत जिस आधार पर गांवों को शामिल करने का प्रयास कर रहा है, इससे एक वर्ग विशेष की आबादी का प्रतिनिधित्व पंचायत में बढ़ जाएगा। इन गांवों को आंशिक के बजाए संपूर्ण रूप से शामिल किया जाए।
दीपावली पर्व से करीब एक सप्ताह पूर्व इसे लेकर आयोजित बैठक में हंगामा भी हुआ था। ऐसे में बैठक को कुछ दिन के लिए टालना पड़ा था। इस बीच एक बार फिर नगर पंचायत के विस्तारीकरण का मामला गरमाने लगा है। भाजपा नेताओं ने इसे लेकर आर पार की लड़ाई के लिए तैयारी शुरू कर दी है। भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा, भाजपा नेता अवधेश द्विवेदी, लवकुश पांडेय, अमित पांडेय, आदित्य शुक्ल आदि ने बीते दिनों डीएम से मिलकर मामले से अवगत कराया। पुराने प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की। भाजपा नेताओं की मांग है कि इन गांवों को आंशिक शामिल करने की बजाए संपूर्ण रूप से शामिल किया जाए। साथ ही बड्डूपुर, कटारिया, विद्युतनगर को भी शामिल किया जाए। भाजपा नेताओं का तर्क है कि इससे राजस्व की आय ज्यादा होगी। जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा ने कहा कि वह इस संबंध में जल्द ही नगर विकास मंत्री व मुख्यमंत्री से मिलेंगे।