जलालपुर में अस्पताल की जांच के दौरान मौजूद अधिकारी।
अंबेडकरनगर। जलालपुर में संचालित कुसुम सर्जिकल सेंटर के संचालक डॉ. सूर्यनाथ यादव का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें डायलेशन एंड क्यूरेशन (बच्चेदानी का मुंह फैलाकर उसमें फंसी हुई चीज को बाहर निकाल लेना) के लिए सौदेबाजी की जा रही है। वायरल वीडियो करीब अगस्त 2024 का बताया जा रहा है, जिसकी संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करता है।
वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल ने पत्र लिखकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर देर शाम पहुंचे एसडीएम राहुल गुप्ता, सीओ अनूप सिंह व अधीक्षक डॉ. जयप्रकाश ने अस्पताल की जांच की। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के दौरान पाया कि अस्पताल का लाइसेंस केवल ओपीडी और आईपीडी के लिए ही है, जिसके नवीनीकरण का आवेदन किया गया था, लेकिन वह अब तक लंबित है। डॉ. सूर्यनाथ यादव ने टीम को लिखकर दिया कि नवीनीकरण न होने के कारण संचालन भी बंद है।
उधर, वायरल वीडियो पर संचालक ने बताया कि छह माह की गर्भवती महिला उनके पास आई थी, जिसके गर्भ में 13 दिन पहले शिशु की मौत हो गई थी। खून की कमी होने पर छह यूनिट ब्लड का इंतजाम भी निजी चैरिटेबल संस्था से कराना पड़ा था। गर्भ से शिशु के टुकड़े को काटकर बाहर निकालकर महिला की जान बचाई थी। मौके पर मौजूद उनके पुत्र सलिल यादव ने बताया कि अप्रैल 2025 में रिनीवल खत्म हो गया था।
इसके लिए आवेदन किया गया था, लेकिन सीएमओ और उनके कार्यालय के लिपिक डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। इस प्रकरण की शिकायत डीएम से लेकर सीएम तक की जा चुकी है, जिसकी जांच एडीएम की अध्यक्षता वाली समिति कर रही है। इस मामले में दबाव बनाने और जांच रुकवाने के लिए एक साल से ज्यादा पुराने वीडियो को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है। वीडियो में डीएंडसी की बात कही जा रही है, न कि गर्भपात की। अगस्त 2024 में जारी नोटिस का जवाब भी दिया गया था, लेकिन वह फाइल भी आज तक लंबित है।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल ने बताया कि डीएंडसी-एमटीपी के लिए वैध लाइसेंस के बिना इस प्रकार की वार्ता वायरल वीडियो में की जा रही है। इनके लाइसेंस नवीनीकरण का आवेदन पूर्व में ही रिजेक्ट किया जा चुका है।