अंबेडकरनगर। बसपा नेता व व्यापारी रामचन्द्र जायसवाल की बहुचर्चित हत्याकांड मामले के एक अभियुक्त की जमानत अर्जी शनिवार को जनपद न्यायाधीश अमरजीत त्रिपाठी ने खारिज कर दी। इसके अलावा जनपद न्यायाधीश ने लूट की घटना के एक अन्य अभियुक्त की जमानत खारिज कर दिया।
बसखारी थाना क्षेत्र के रामडीह सराय निवासी बसपा नेता व व्यापारी रामचंद्र जायसवाल की दिनदहाड़े गोली मारकर उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह घर से भोजन करने के बाद आराम करने के लिए अपने आढ़त पर बने आफिस में पहुंचे थे। इस मामले में मृतक के भाई जयप्रकाश जायसवाल ने 19 जुलाई को बसखारी थाने में अज्ञात वाहन से आए शिवप्रकाश मौर्य, नरोत्तम मौर्य व सत्यप्रकाश निवासी मरौचा थाना बसखारी सहित दो अज्ञात बदमाशों के विरुद्घ अपने भाई की गोली मारकर हत्या करने का केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने विवेचना के दौरान अन्य अभियुक्तों के साथ विनोद कुमार निवासी हजियापुर थाना बसखारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस बीच अब संबंधित अभियुक्त ने जनपद न्यायाधीश के समक्ष यह कहते हुए प्रार्थना पत्र दिया कि वादी ने मुकदमे में उसके नाम का उल्लेख नहीं किया है। बाद में गलत तरीके से उसका नाम विवेचना में शामिल कर दिया गया। हालांकि जनपद न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी अर्जी खारिज कर दी।
जिला जज ने एक अन्य लूट मामले के अभियुक्त की भी जमानत खारिज कर दी। अकबरपुर कोतवाली निवासी शूलपाणि किंकर ने थाने में केस दर्ज कराया था कि वह 17 मई को जमुनीपुर बैंक शाखा से एक लाख रुपये निकालकर अपने मामा की उधारी देने जा रहा था। उसकी डिक्की में पहले से भी एक लाख 80 हजार रुपये मौजूद थे।
चंदैनी कोड़ा के बीच पीछे से आए बदमाशों ने असलहे के बल पर उसका दो लाख 80 हजार रुपये लूट लिया। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने लोरपुर ताजन निवासी शमीम अहमद को गिरफ्तार कर जेल भेजा। उसने जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। जनपद न्यायाधीश ने उसके पत्र को खारिज कर दिया।