अंबेडकरनगर। पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चल रहा है। सरकारी आंकड़े लक्ष्य पूरा होने का दावा कर रहे हैं, पर गांवों में हकीकत अलग है। पशुपालकों की शिकायत है कि टीकाकरण टीम समय पर नहीं पहुंच रही।
कई पशुपालकों को अभियान की जानकारी भी नहीं दी गई। कुछ गांवों में एक ही दिन में बड़ी संख्या में पशुओं का टीकाकरण दिखाया गया है। ऐसे में सवाल है कि कितने पशुओं को टीका लगा और कितने कागजों में दर्ज हुए। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार तक 59,100 पशुओं को टीका लगाने का दावा है। हालांकि, टीमें अभी कई गांवों में नहीं पहुंची हैं। पशु मित्रों के बहिष्कार के कारण एक ग्राम पंचायत में दो दिन लग रहे हैं। इस वजह से 20 दिनों में केवल 59 हजार पशु ही आच्छादित हो पाए हैं।
पशु मित्रों के टीकाकरण में सहयोग न करने के कारण विभाग की ओर से पूर्व में बनाया गया रोस्टर बेकार हो गया है। ऐसे में विभाग का दावा है कि अकबरपुर के जमुनीपुर, गौसपुर, ताजनपुर, ऊचेगांव, चंदनपारा, लालापुर कटेहरी के गौरा बंसतपुर, शाहपुर परासी, लोकनाथपुर, कुड़िया चितौना आदि गांवों में टीकाकरण हो गया है। हालांकि अभी यहां पर हकीकत में कुछ पशुओं को टीका लग गए तो कई अभी भी बाकी हैं।
16 चिकित्सकों के साथ टीकाकरण में लगी हैं 22 टीमें
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले में 3,15,550 पशु पंजीकृत हैं। इनके एफएमडी टीकाकरण के लिए 16 चिकित्सकों की निगरानी में 22 टीमें काम कर रही हैं। इनमें 19 पशुधन प्रसार अधिकारी समेत अन्य कर्मचारी शामिल हैं। पशु मित्र इस अभियान से दूरी बनाए हुए हैं, जबकि टीकाकरण से लेकर अन्य तमाम गतिविधियां इन्हीं पशु मित्रों पर ही निर्भर हैं। ऐसे में विभाग के पास टीकाकरण को तेज करने के लिए कोई विकल्प नहीं हैं। इसी का नतीजा है कि आज भी कई गांवों में पशुपालक टीमों का इंतजार कर रहे हैं।
प्रधानों को नहीं है टीकाकरण की जानकारी
सीवीओ डॉ. अरविंद कुमार सिंह के अनुसार जिस भी ग्राम पंचायत में टीकाकरण कराया जाता है, वहां के ग्राम प्रधान को अवगत कराया जाता है। हालांकि यह बातें केवल विभागीय फाइलों में ही कैद ही क्योंकि इस बार कई गांव ऐसे हैं जहां पर कोई जानकारी प्रधान को नहीं है। कटेहरी की ग्राम प्रधान रीता देवी के अनुसार उनके गांव में अभी तक पशु पालन विभाग की ओर से कोई कर्मचारी टीकाकरण के लिए नहीं आया है। टांडा क्षेत्र के महुवारी ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान रमेश कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई है।
दो वर्ष का भुगतान बकाया, टीकाकरण से दूरी
पशु मित्र संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 200 पशु मित्र हैं। इन लोगों का पशु गणना, टीकाकरण व कृत्रिम गर्भाधान सहित अन्य कार्य किए थे लेकिन अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। इसके कारण काम नहीं किया जा रहा है।
मैन पावर कम होने से आ रही हैं दिक्कतें
अकबरपुर पशु चिकित्सालय के डॉ. डीके सिंह के अनुसार क्षेत्र में सभी उन पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है, जो इसके दायरे में आते हैं। मौजूदा समय में पशु मित्रों के साथ न होने से कुछ समस्याएं जरूर आ रही हैं। इसके बाद भी रोजाना टीकाकरण किया जा रहा है जिससे समय से लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
गांवों में हो रहा टीकाकरण
गांवों में पशुओं का टीकाकरण कराया जा रहा है। रोजाना इसकी रिपोर्टिंग की जा रही है। पशु मित्रों के सहयोग न करने के कारण कुछ समस्याएं आ रही हैं। इसके बावजूद भी टीकाकरण का कार्य प्रभावित नहीं है।
डॉ. अरविंद कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी