सबसे ज्यादा हंगामा अकबरपुर विकास खंड के मतदान केन्द्र पंजूपुर में हुआ। जगदीशपुर नोखा मतदान केन्द्र एक फर्जी अभिकर्ता पकड़ा गया। इन सबके बीच दोनों ब्लॉकों में 62 प्रतिशत मतदान हुआ। इसी के साथ जिला पंचायत सदस्य व क्षेत्र पंचायत के 1484 प्रत्याशियों का भाग्य मत पेटिकाओं में कैद हो गया।
अकबरपुर विकास खंड के मतदान केन्द्र पंजूपुर में ग्राम प्रधान मायाराम यादव के परिवार का एक सदस्य फूलचन्द्र मतदान केन्द्र पर मतदान करने पहुंच गया। वह विकल्प के रूप में जो आधारकार्ड लेकर गया उसमें उसकी उम्र 10 वर्ष लिखी थी। वहां पर मौजूद अभिकर्ताओं ने इसका विरोध किया।
इसे लेकर अभिकर्ताओं व युवक के बीच तू-तू मैं-मैं होने लगी। इसी बीच सुरक्षाकर्मी भी मौके पर पहुंचे। उसका नाम मतदाता सूची में देखा। सूची में उसका नाम तो था, लेकिन उसके पास पहचान पत्र के रूप में जो आधारकार्ड में उसकी उम्र 10 वर्ष ही अंकित थी। इस पर सुरक्षाकर्मियों व मतदान कर्मियों ने उसे वापस कर दिया।
करीब आधे घंटे बाद पुन: फूलचन्द्र अपने चाचा शोभाराम यादव एक अन्य युवक अरविंद पांडेय को लेकर मतदान करने पहुंचा। फूलचन्द्र के साथ आए लोग मतदानकर्मियों पर मतदान के लिए दबाव बनाने लगे। इस पर जहां अभिकर्ताओं ने विरोध किया वहीं पीठासीन अधिकारी ने हंगामा बढ़ता देख सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी।
मौके पर एसडीएम जलालपुर व सीओ जलालपुर सम्मनपुर व बेवाना पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इससे पहले ही हंगामा कर रहे लोग वहां से भाग खड़े हुए। पुलिस टीम ने कर्मचारियों की निशानदेही पर शोभाराम यादव को हिरासत में ले लिया। हंगामे के चलते मतदान केन्द्र पर करीब 10 मिनट तक मतदान कार्य ठप रहा। टांडा विकास खंड के कई बूथों पर दिन भर अवैध मतदान को लेकर छिटपुट हंगामे की खबर आती रही।
उधर अकबरपुर विकास खंड के जगदीशपुर नोखा मतदान केन्द्र पर एक फर्जी अभिकर्ता पकड़ा गया। बताया जाता है कि मतदान केन्द्र पर विभिन्न प्रत्याशियों द्वारा बनाए गए एजेंटों द्वारा आरओ के दूरभाष पर सूचना देकर कहा गया कि उनके मतदान केन्द्र पर कुछ फर्जी लोग अभिकर्ता बनकर घूम रहे हैं, और उनके द्वारा फर्जी मतदान कराए जाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
सूचना मिलते ही सम्मनपुर थानाध्यक्ष वासुदेव राणा अपनी टीम के साथ मतदान केन्द्र पहुंचे, और तलाशी शुरु की। टीम ने पीठासीन अधिकारियों से मतदान केन्द्र पर मौजूद अभिकर्ताओं के नामों का मिलान कराया। इसमें पता चला कि राजेश ने अभिकर्ता का कार्ड लगा रखा है, उस नाम से कोई फार्म नहीं भरा गया है। इस पर पुलिस टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।