रविवार की शाम गासिया खातून का शव नले में पुलिस को बरामद होने के बाद देर शाम गासिया के भाई वजीर मोहम्मद व बहन राबिया अकबरपुर कोतवाली पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक उनकी बहन को अपने ही बच्चों का हत्यारा बताया जा रहा था। शनिवार की रात में ही हमने नाले में शव फेंके जाने की आशंका जताई थी, लेकिन किसी ने हम लाेगों की बात नहीं सुनी। अब बहन का शव नाले से ही मिला है। जिस तरह से हमारे परिवार ने पांच लाशें देखी हैं। ऐसे ही हत्यारों की लाश हमें देखनी है।
गांव पहुंचे शव, किया गया अंतिम संस्कार
अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में चार मासूम बच्चों की हत्या मामले में रविवार को महरुआ के कसड़ा गांव का माहौल बेहद भारी नजर आया। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद चारों मासूम बच्चों के शव गांव पहुंचे, पूरे इलाके में चीख-पुकार गूंज उठी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गांव का माहौल शोक में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। हर कोई बच्चों के अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर जमा हो गया। लोगों की भीड़ देर तक बनी रही और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा।
जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चार जनाजे उठने का दृश्य हर किसी को अंदर तक झकझोर गया। गांव के कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक साथ दफन किया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (8) को पास में ही अलग-अलग सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव व कई थानों की पुलिस उपस्थित रही।
खून से लथपथ मिले थे चारों बच्चों के शव
शनिवार को मीरानपुर मुरादाबाद में एक घर के अंदर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ मिले थे। शुरुआती जांच में ईंट और हथौड़े से हमला कर हत्या की बात सामने आई थी। घर अंदर से बंद मिला था और मां गासिया खातून के लापता होने से उस पर शक गहराया था। आशंका जताई गई थी कि बच्चों को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया।