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UP: विधायक पल्लवी पटेल बोलीं, यूजीसी कानून न लागू होने के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार

Sun, 05 Apr 2026 04:08 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर

सार

सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि यूजीसी 2026 पर रोक लगने के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकील ही इस विनियम को डिफेंस नहीं कर पाया।
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सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अपना दल कमेरावादी की ओर से रविवार को अकबरपुर के एक गेस्ट हाउस में मंडलीय समता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कृष्णा पटेल समेत अन्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद डॉ. पल्लवी पटेल ने मीडिया से मुखातिब होते हुए केंद्र सरकार पर यूजीसी, जातिगत जनगणना समेत अन्य मुद्दों पर जमकर निशाना साधा।
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उन्होंने कहा कि यूजीसी 2026 पर रोक लगने के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। जिम्मेदारी केंद्र की सरकार की थी कि यूजीसी को इतना लचर नहीं बनाना था। सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकील ही इस विनियम को डिफेंस नहीं कर पाता है। केंद्र सरकार ने देश को एलपीजी और डीजल-पेट्रोल की लाइन में खड़ा कर दिया है। खराब विदेश नीतियों के कारण देश की जनता लाइन में खड़ी है।

भाजपा ने सत्ता में आने के बाद लोगों को राशन से लेकर खाता खुलवाने, नोटबंदी की लाइनों में खड़ा करवाने का काम किया है। भाजपा को जब लगता है किसी एक मुद्दे पर घिर रहे हैं तो देश की जनता व राजनीतिक दलों को दूसरे मुद्दों में उलझाने का काम कर रहे हैं। विपक्ष की जिम्मेदारी है कि भाजपा की सोच और नियत की जानकारी जनता के बीच में जाकर दें।
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वर्ष 2027 का चुनाव प्रदेश की सत्ता को बदलने वाला है। उत्तर प्रदेश देश की राजनीति को प्रभावित करने वाला है। जनता के हित के मुद्दों को सरकार के सामने उठाने का काम हमेशा करते रहेंगे। एसआईआर पर कहा कि यह केंद्र सरकार का षड्यंत्र रहा है। चुनाव आयोग सिर्फ मोहरा मात्र है। भाजपा 400 सीटों का आंकड़ा लेकर मैदान पर उतरी थी लेकिन देश की सजग जनता ने उन्हें 293 सीट पर रोकने का काम किया था।

कहा कि लोगों का वोट का अधिकार छीनने के लिए एसआईआर का जुमला छोड़ा गया है। जब सरकार खिसक रही है तो मतदाता पात्र-अपात्र के रूप में घुसपैठिए दिखाई देने लगे हैं। जातिगत जनगणना कब तक होगी और इसके आंकड़ों को सामाजिक न्याय के लिए कैसे प्रयोग में लाया जाएगा यह आज तक स्पष्ट नहीं कर पाई है। अपना दल सड़क से लेकर सदन तक जातिगत जनगणना की लड़ाई लड़ेगा।
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