इधना, जाफरगंज, रामनगर व पहितीपुर में स्वीकृत मॉडल स्कूलों का निर्माण कार्य अब तक नहीं पूर्ण हो सका, जबकि इनका निर्माण दिसंबर 2015 तक पूर्ण हो जाना चाहिए था।
तीन करोड़ दो लाख रुपये की लागत से बनने वाले प्रत्येक विद्यालय के निर्माण के लिए प्रति विद्यालय 2 करोड़ 48 लाख रुपये शुरुआती दौर में ही उपलब्ध करा दिए गए थे। इनमें से किसी का 50 प्रतिशत कार्य भी नहीं पूरा हो सका है।
छात्र-छात्राओं को कक्षा छह से इंटरमीडिएट तक निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही केंद्र पुरोनिधानित मॉडल स्कूल योजना जिले में सुस्त रफ्तारी का शिकार होकर रह गई है। योजना के तहत वर्ष 2011-12 में जाफरगंज, पहितीपुर व रामनगर, जबकि वर्ष 2013=14 में इधना गांव में मॉडल स्कूल के निर्माण को शासन ने हरी झडी शासन दी थी।
इधना माडल स्कूल निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सी एण्ड डीएस तथा जाफरगंज, रामनगर व पहितीपुर माडल स्कूल निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को सौंपी गई। इन विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा दिए जाने के साथ साथ आवास व अन्य सुविधाएं दिए जाने का भी प्राविधान है।
तीन करोड़ दो लाख रुपये की लागत से बनने वाले प्रत्येक विद्यालय के निर्माण में किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को प्रति विद्यालय 2 करोड़ 48 लाख रुपये की धनराशि भी प्रारंभिक दौर में उपलब्ध करा दी गई थी।
इसके बाद भी निर्माण को लेकर न तो विभागीय अधिकारी गंभीर हैं और न ही संबंधित कार्यदायी संस्थाएं। मनमानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ये सभी का निर्माण कार्य दिसंबर 2015 तक पूर्ण हो जाना चाहिए था पर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।