अंबेडकरनगर/जलालपुर। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लोकार्पण को एक साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक इस पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) लागू नहीं हो सका है। इसके चलते एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार पर प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही है। शुक्रवार भोर हुए हादसे में चार लोगों की मौत ने एक बार फिर तेज रफ्तार के खतरे को सामने ला दिया। वहीं, एक्सप्रेसवे पर अनधिकृत रूप से खड़े ट्रक और ट्रेलर भी हादसों का कारण बन रहे हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 20 जून 2025 को आजमगढ़ से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था। पूर्वांचल, आगरा और यमुना एक्सप्रेसवे की तर्ज पर यहां भी एटीएमएस लगाने की योजना है, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। एटीएमएस के तहत एक्सप्रेसवे पर एआई आधारित हाईटेक कैमरे लगाए जाते हैं। ये कैमरे वाहनों की स्पीड निगरानी के साथ यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखते हैं। इनके जरिये तय सीमा से अधिक गति होने पर स्वत: ही वाहन का चालान कट जाता है। इसकी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी चल रही है, लेकिन फिलहाल एक्सप्रेसवे पर ऐसी कोई व्यवस्था लागू नहीं है।
सड़क क्षतिग्रस्त चल रहा मरम्मत कार्य
संवाद एजेंसी की पड़ताल में एक्सप्रेसवे पर 83.50 किमी के पास सड़क क्षतिग्रस्त मिली। इससे कुछ दूरी पर 83.60 किमी के पास दिलीप बिल्डर लिमिटेड की गाड़ी खड़ी थी। बताया गया कि सड़क की मरम्मत का काम कराया जा रहा है। क्षतिग्रस्त हिस्से के पास तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल उठे। बीते दिनों हुई बारिश के दौरान हाईवे पर कई स्थानों पर गड्ढे हो गए थे जिन पर पैच वर्क कराया गया है।
82.50 किमी पर बिना निर्धारित व्यवस्था के पार्किंग
एक्सप्रेसवे के 82.50 किमी के पास शनिवार को पांच ट्रक सड़क किनारे खड़े मिले। वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग व्यवस्था के बजाय सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों से तेज रफ्तार यातायात प्रभावित होता दिखा। अचानक ओवरटेक करने या सामने खड़े वाहन से बचने के प्रयास में हादसे का खतरा बना रहता है।
अंडरपास में भरा मिला पानी
14 पास और सवरग को जोड़ने वाले अंडरपास में जलभराव की स्थिति मिली। पानी भरा होने से अंडरपास से आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद यहां जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक्सप्रेसवे पर दौड़ रहे थ्री व्हीलर
पड़ताल के दौरान एक्सप्रेसवे पर थ्री व्हीलर भी चलते मिले। कटका टोल प्लाजा से ऑटो शाहगंज और जौनपुर की ओर जाते नजर आए। एक ऑटो चालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह मोटरसाइकिल का टोकन कटवाकर एक्सप्रेसवे से गुजरता है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच थ्री व्हीलर की आवाजाही सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
एटीएमएस लगाए जाने के लिए टेंडर प्रक्रिया हो गई और काम भी शुरू हो गया है। जल्द ही लिंक एक्सप्रेस वे सीसी कैमरों और स्पीड डिस्प्ले से सुसज्जित हो जाएगा। जिन स्थानों पर सड़क खराब हो गई थी, वहां पैचवर्क कराए गए हैं। हाईवे पर अनधिकृत खड़े होने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी।
- जियालाल, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के 83.500 किलोमीटर के पास क्षतिग्रस्त सड़क।