निमर्मतापूर्वक लादे जाने की वजह 5 पशुओं की मौत हो चुकी थी। पुलिस दोनों चालकों को थाने ले गई, जहां पर आवश्यक लिखा पढ़ी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। पशुओं को ग्रामीणों के हवाले कर दिया गया है। पशु तस्कर मवेशियों को लोरपुर गांव से लादकर बिहार ले जा रहे थे।
जिले में प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित लोरपुर गांव पशु तस्करी का गढ़ बन चुका है। दो वर्ष पूर्व तत्कालीन एएसपी राजीव मल्होत्रा ने यहां छापेमारी कराई थी। उस समय यहां तमाम मवेशी व वाहन बरामद हुए थे। इसके बाद से यहां उस स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई।
एसपी रोहन पी कनय के निदेर्श पर शुक्रवार रात सम्मनपुर पुलिस ने गश्त कड़ी की तो दो ट्रक मवेशी बरामद हुए। सम्मनपुर एसओ वासुदेव राणा गुरुवार रात करीब एसआई राजेश सिंह व सिपाही नवीन सिंह, अशोक कुमार व बिमल सरोज के साथ गश्त पर थे।
उनकी टीम पट्टी बरियावन मार्ग पर थी कि इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि दो ट्रक मवेशी उसी मार्ग पर जा रहे हैं। टीम ने बलुआ बहादुरपुर गांव के पास तश्करों के वाहन को रोक लिया।
टीम को देख चालकों ने ट्रक खड़ी कर भागने का प्रयास किए, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस अभिरक्षा में दोनों ट्रक को थाने लाया गया। यहां पर सभी मवेशियों को बाहर निकाला गया। दोनों ट्रक में कुल 49 मवेशी मिले। निर्ममतापूर्वक लादे जाने से इनमें से 5 मर चुके थे।
पकड़े गए चालकों ने अपनी पहचान नुरुलनैन पुत्र अब्दुल रहमान निवासी नसीरपुर थाना बिलरिया जिला आजमगढ़ व दूसरे ने दिलदार पुत्र नसरुद्दीन निवासी सुल्तानापुर, थाना रामनगर जिला बाराबंकी के रूप में कराई। चालकों ने बताया कि वह पशुओं को लोरपुर गांव से लादकर बिहार के लिए ले जा रहे थे। एसओ श्री राणा ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। दोनों आरोपियों का चालान कर दिया गया है।