अंबेडकरनगर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़े क्षेत्रों में लगातार हो रहे सड़क हादसों के बीच जिले में प्रस्तावित दो ट्रॉमा सेंटर की जरूरत बढ़ती जा रही है। करीब एक वर्ष पहले स्वास्थ्य विभाग ने बेवाना और राजेसुल्तानपुर में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
विभिन्न कमियों और प्रक्रियागत अड़चनों के कारण दोनों स्थानों पर काम अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सका। हालांकि, बेवाना के प्रस्ताव पर प्रक्रिया आगे बढ़ी है, जबकि राजेसुल्तानपुर का प्रस्ताव अटक गया है। सड़क हादसे के बाद गंभीर घायलों को तत्काल उपचार की जरूरत होती है। स्थानीय स्तर पर पर्याप्त ट्रॉमा सुविधाएं नहीं होने के कारण घायलों को जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज ले जाना पड़ता है।
कई मामलों में अधिक दूरी और रास्ते में लगने वाले समय के कारण मरीज की हालत और गंभीर हो जाती है। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्कालीन सीएमओ ने बेवाना और राजेसुल्तानपुर में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने के लिए शासन को पत्र भेजा था।
बेवाना में सुविधा की जरूरत
बेवाना क्षेत्र पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट है। यहां सीएचसी संचालित है, लेकिन गंभीर घायलों के उपचार के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। हादसे के बाद घायलों को तत्काल उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा की जरूरत पड़ती है। इसी को देखते हुए सीएचसी में ट्रॉमा सेंटर संचालित करने का प्रस्ताव भेजा गया था।
राजेसुल्तानपुर में बढ़ा इंतजार
राजेसुल्तानपुर क्षेत्र गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निकट होने के कारण सड़क हादसों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसके अलावा यह क्षेत्र जिले के दूरस्थ इलाकों में भी शामिल है। हादसों में गंभीर घायलों को स्थानीय स्तर पर तत्काल उपचार नहीं मिल पाने के कारण उन्हें दूर स्थित अस्पतालों में ले जाना पड़ता है। इस क्षेत्र में भी करीब एक वर्ष पहले ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अब यह प्रक्रिया अड़चनों में फंस गई है।
बेवाना के लिए मांगी गई रिपोर्ट
सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार के मुताबिक, राजेसुल्तानपुर में विभिन्न कारणों से ट्रॉमा सेंटर का संचालन मुश्किल है। वहीं, बेवाना में प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर के संबंध में निदेशालय ने मंडलीय अस्पतालों की दूरी समेत अन्य जानकारियां मांगी हैं। मांगी गई सभी सूचनाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। ऐसे में बेवाना में ट्रॉमा सेंटर के संचालन की उम्मीद बनी हुई है।