कटेहरी (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के घाघूपुर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को प्रवाचक बालमुकुंद शास्त्री ने भगवान कृष्ण के जन्म, बाल लीलाओं और जीवन दर्शन से जुड़े संदेशों का वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि परमात्मा ही परम सत्य हैं, और जीवन में जो कुछ भी होता है, वह उनके नियंत्रण और व्यवस्था के तहत है। जब हमारी वृत्ति परमात्मा में स्थिर हो जाएगी, तो संसार का मोह अपने आप समाप्त हो जाएगा। संसार की वस्तुएं और घटनाएं हमारी मानसिक स्थिति पर प्रभाव डाल सकती हैं, लेकिन यदि हम उनका सही दृष्टिकोण अपनाएं तो जीवन में संतुलन और स्थिरता बनी रहती है। प्रवाचक ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे आकाश के भीतर बादल रहते हैं, बादल भले ही गायब हो जाएं, पर आकाश हमेशा रहता है। इसी प्रकार, संसार चाहे नष्ट क्यों न हो, भगवान का अस्तित्व कभी नहीं समाप्त होता। सच्चाई और धर्म का पालन जीवन में सबसे महत्वपूर्ण है। भगवान कृष्ण ने अपने जीवन में प्रत्येक चुनौती का सामना धैर्य, बुद्धि और संयम के साथ किया। यह हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी सहनशीलता और विवेक से कार्य करना चाहिए। इस दौरान शिव शंकर, गौरी शंकर, लालमणि, नवनीत, मनीष, हनुमान मिश्रा,रमापति यादव, दीपा पांडेय, किरण त्रिपाठी व अन्य उपस्थित रहे।