अंबेडकरनगर। अकबरपुर के कुर्की बाजार के निकट शुक्रवार को तेज रफ्तार ऑटो के सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्राॅली से टकराने से घायल बिहार की अमीना खातून (50) और मध्य प्रदेश के कैफ (20) की देर शाम राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल आठ घायलों का इलाज चल रहा है। ऑटो व ट्रैक्टर चालक को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
बिहार प्रांत के सोनहू जमुई निवासी रहमत उल्ला के मुताबिक 14 जुलाई को पत्नी अमीना खातून और पोती अलीशा खातून, फैरूल खातून के साथ किछौछा दरगाह उर्स मेले में आए थे। 17 जुलाई को जियारत के बाद बाराबंकी जिले के देवा दरगाह जाने के लिए कैफियत एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने के लिए ऑटो से निकले थे। टेंपो में उनके साथ बिहार के ओलहनपुर छपरा निवासी जाहिद, जैबुन्निशा, मध्य प्रदेश के देवहरी सहदौल निवासी मो. कैफ और आरिफ, सचिन गुप्ता व उनकी मां नीतू देवी सवार थे।
जायरीन से भरा ऑटो अकबरपुर-बसखारी राजमार्ग के रास्ते अकबरपुर जा रहा था। कुर्की बाजार के निकट अचानक ऑटो अनियंत्रित होकर फोरलेन पर किनारे खड़े ट्रैक्टर-ट्राॅली में जा भिड़ा। श्रद्धालुओं के अनुसार चालक मोबाइल पर बात कर रहा था। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई। यह देख चालक भाग निकला था। ऑटो में सवार 10 जायरीन घायल हो गए थे।
पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी काे जिला अस्पताल भिजवाया, जहां से राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर रेफर कर दिया था। यहां इलाज के दौरान अमीना खातून और कैफ की देर रात मौत हो गई। मां अमीना खातून की मौत की खबर मिलने पर बेटा जावेद, खुर्शीद, मुबारक बेटी लाडली खातून का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, कैफ की मौत की खबर फोन पर मिलने के बाद मृतक की पत्नी रुखसाना का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर, घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। सभी का मेडिकल कॉलेज में ही इलाज चल रहा है। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दोनों वाहनों के चालकों की तलाश की जा रही है। दोनों वाहन कब्जे में ले लिए गए हैं।
पांच का परमिट, बैठी थीं 10 सवारी, एआरटीओ को नहीं जानकारी
जिस ऑटो से यह हादसा हुआ, उसका परमिट केवल पांच सवारियों का था। इसमें चालक भी शामिल था। इसके बावजूद चालक ने 10 यात्रियों को बैठा रखा था। यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है और दुर्घटना के समय यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डालता है। ऐसे ओवरलोड वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त हाेने की आशंका अधिक रहती है। सड़क पर इस प्रकार के वाहन बेखौफ होकर दौड़ रहे हैं। इस बारे में एआरटीओ सत्येंद्र कुमार से पूछा गया तो उन्होंने पर हादसे के बारे में जानकारी न होने की बात कही।