बसखारी (अंबेडकरनगर)। हंसवर थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले में समझौता कराने के नाम पर रंगदारी वसूलने का मामला सामने आया है। पीड़िता के परिजनों से डराकर दो लाख रुपये ठगे गए। साक्ष्य के रूप में जबरन वसूली का वीडियो सामने आने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर शनिवार को उन्हें पिपरा चौराहा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
20 मई की रात हंसवर थाना क्षेत्र की एक किशोरी दरवाजे पर चारपाई पर सो रही थी। उसी दौरान उसका मौसेरा भाई आलापुर के आमा दरवेशपुर निवासी मिथुन, बसखारी के रुस्तमपुर निवासी आमिर अपने एक अन्य साथी के साथ गांव पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने योजनाबद्ध तरीके से नहर के किनारे किशोरी से छेड़खानी की। 24 मई को किशोरी के पिता ने आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी। जिसपर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट, छेड़खानी व दलित उत्पीड़न एक्ट समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने आमिर को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू की थी। इसी मामले में आलापुर के बहारपुर निवासी श्रीगोविन्द व आलापुर के गोहनारपुर निवासी उमेश चंद्र ने आमिर के पिता सलीम से मुकदमे में समझौता कराने के नाम पर दो लाख रुपये की मांग की। रुपये न दे पाने पर सलीम को डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
डर के माहौल में सलीम ने तीन बार में दो लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। पैसे देते समय सलीम की पत्नी ने छिपकर वीडियो बना लिया। इसके बाद जब सलीम ने वीडियो दिखाकर अपनी रकम वापसी की मांग की, तो पुलिस हरकत में आई। तत्काल कार्रवाई करते हुए रंगदारी अधिनियम के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। मुखबिर की सूचना पर उपनिरीक्षक उस्मान गनी ने पुलिस टीम के साथ दोनों आरोपियों को पिपरा चौराहा, आलापुर से शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र बहादुर सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि श्री गोविन्द और उमेशचंद के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। आरोपी आमिर को पीड़िता के कलमबंद बयान के आधार पर पूछताछ के बाद छोड़ा गया है।