बरसात की वजह से नहीं हो पा रहा कच्चा काम
40 करोड़ का बकाया होने से पक्के कामों पर भी ब्रेक
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। जिले के दो लाख से अधिक मनरेगा मजदूर इन दिनों आर्थिक मुश्किलों से घिरे हुए हैं। कारण यह कि बारिश होने के चलते ज्यादातर ग्राम पंचायतों मेें कच्चा काम लगभग पूरी तरह से ठप है जबकि निर्माण सामग्री का साढ़े 40 करोड़ रुपये का भुगतान न होने से 500 से अधिक ग्राम पंचायतों में पक्का काम भी नहीं हो रहा है। इससे मनरेगा मजदूरों को काम नहीं मिल रहा। नतीजा यह है कि घर का खर्च चलाने के लिए मनरेगा मजदूरों को दूसरे काम की तलाश करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायतों में होने वाले पक्के काम के लिए आवश्यक भवन निर्माण सामग्री का भुगतान फरवरी माह से अब तक नहीं हो सका है। दरअसल मनरेगा योजना के तहत गांव में पक्के काम कराए जाते हैं। बीते कुछ समय से पक्के निर्माण के लिए जो जो निर्माण सामग्री लगती है उसके भुगतान के लिए शासन से सुचारु रूप से राशि नहीं मिलती। लंबा बकाया होने का नतीजा है कि ज्यादातर दुकानदारों ने ग्राम प्रधानों को निर्माण सामग्री देने से हाथ खड़ा कर रहे। मनरेगा उपायुक्त कार्यालय के अनुसार फरवरी के बाद से अब तक 40 करोड़ 53 लाख 16 हजार रुपये का भुगतान शासन से नहीं हो सका है।
इसके चलते इन दिनों लगभग 500 ग्राम पंचायतों में पक्का काम लगभग पूरी तरह से ठप है। मालूम हो कि जिले में 899 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें मनरेगा योजना के तहत होने वाले काम के लिए दो लाख 17 हजार मनरेगा मजदूर पंजीकृत हैं। इसके अलावा इन दिनों बारिश का दौर चल रहा है। ऐसे में लगभग सभी ग्राम पंचायतों में कच्चा काम भी नहीं हो रहा। इससे मनरेगा मजदूरों के समक्ष आथ्रिक संकट खड़ा हो रहा है।
प्रधानों ने गिनाई समस्याएं
अकबरपुर प्रधान संंघ अध्यक्ष मानसिंह ने कहा कि भुगतान न होने से पक्का काम कैसे कराया जाए। पूर्व में जहां से निर्माण सामग्री ली गई थी वहां का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। कुर्की महमूदपुर ग्राम पंचायत में पांच लाख रुपये से अधिक का बकाया है। राजेेपुर धावां के ग्राम प्रधान विनय सिंह ने कहा कि लगभग आठ लाख का बकाया है। माउख के प्रधान आद्याराम के अनुसार लगभग नौ लाख रुपये, खानपुर सुलेमपुर के प्रधान घनश्याम ने कहा कि पांच लाख, अंधियरवा के वेदप्रकाश ने बताया कि दो लाख 75 हजार, कुर्चा क पवनदीप के अनुसार लगभग सात लाख रुपये का बकाया है। अमौली मोहिद्दीनपुर में तीन लाख 82 हजार, अमरतल में नौ लाख 84 हजार, वल्लीपुर में 22 लाख 92 हजार, हुसेनपुर जलालपुर में 14 लाख 60 हजार, रोशनगढ़ में 11 लाख 78 हजार व समैसा खाम में नौ लाख 48 हजार रुपये का बकाया है। इसी प्रकार अन्य ग्राम पंचायतों में भी बकाया है।
खड़ा हुआ आर्थिक संकट
मनरेगा मजदूर संघ जिलाध्यक्ष वैभव आनंद पांडेय ने कहा कि भुगतान न होने से जहां पक्का काम ठप है तो वहीं बारिश होने से कच्चा कार्य भी नहीं हो रहा है। इससे मनरेगा मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। इससे उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। विकास खंड अकबरपुर के अंधियरवा के हृदयराम, रामजनम, सुदामा, लालमती, अंजलि, मंगरूराम व बुधिराम ने कहा कि बारिश के पहले तो कच्चा काम चल रहा था। इससे किसी प्रकार घर का खर्च चल रहा था।अब बारिश से यह भी बंद हो गया है। इससे आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो रही हैं।
शासन को भेजा गया पत्र
लगभग साढ़े 40 करोड़ रुपये का बकाया है। भुगतान के लिए शासन को कई बार पत्र भेजा गया है। शीघ्र राशि उपलब्ध होने की संभावना है।
राजेंद्र प्रसाद मनरेगा उपायुक्त