पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही ने 24 घंटे के भीतर एक सेवानिवृत्त शिक्षक समेत दो लोगों की जान ले ली। बाइक सवार रिटायर्ड शिक्षक की मौत जलालपुर थाना क्षेत्र में सड़क पर गिरे विद्युत खंभे व तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल होने से हुई जबकि भीटी थाना क्षेत्र में किसान की मौत विद्युत केबल की चपेट में आकर करंट से हुई।
दोनों घटनाओं के बाद जहां संबंधित परिवार में रोना-पीटना मचा हुआ है, वहीं लोगों ने पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई है। 24 घंटे के भीतर जिले में पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही के चलते एक सेवानिवृत्त शिक्षक व एक किसान की मौत हो गई।
भीटी प्रतिनिधि के अनुसार भीटी थाना अंतर्गत बसोहरी गांव निवासी किसान राजेंद्र प्रसाद तिवारी (40) पुत्र रामचंद्र बुधवार सुबह खेत जा रहा था। गांव से कुछ ही आगे बढ़ा था कि इसी बीच उसका पैर जमीन पर गिरे विद्युत केबल पर पड़ गया।
इससे वह करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर पहुंचे परिवारीजन ग्रामीणों की मदद से राजेंद्र को भीटी सीएचसी ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है।
राजेंद्र के तीन पुत्री व एक पुत्र है। सबसे बड़ी पुत्री 16 वर्ष की है। उधर, घटना से ग्रामीणों में पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी नाराजगी है। उनका कहना है कि मंगलवार सुबह तेज आंधी के साथ हुई बारिश से जामुन की डाल टूट कर गिर गई थी। इससे उसकी चपेट में आकर जर्जर केबल भी टूट गया था।
इसकी जानकारी पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों व कर्मचारियों को दी गई थी। इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। लापरवाही का ही नतीजा रहा कि राजेंद्र की जान चली गई। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की।
जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार जैतपुर थाना अंतर्गत मखदूमपुर गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक प्रेमबहादुर सिंह (66) पुत्र रामहरख सिंह मंगलवार देर शाम बाइक से जलालपुर से अपने गांव जा रहे थे। जब वह गांव के निकट पहुंचे तो अंधेरा होने के चलते उन्हें बीच सड़क पर गिरा विद्युत तार व खंभा नहीं दिखा।
नतीजतन वह खंभे व तार से टकराकर सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जलालपुर स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां हालत की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। देररात रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना से परिवारीजनों में रोना-पीटना मचा हुआ है। यहां भी स्थानीय लोगों में पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति नाराजगी व्याप्त है। उनका कहना है कि सड़क पर गिरे जर्जर खंभे व तार की जानकारी कॉर्पोरेशन के अधिकारियों व कर्मचारियों को दी गई थी। इसके बाद भी इसकी सुध नहीं ली गई।