बाद में दोनों छात्रों को दूसरी कॉपी देकर आवश्यक कार्रवाई की गई। उधर शुक्रवार को भी न सिर्फ डीएम विवेक ने जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया, बल्कि शिक्षा विभाग की तरफ से गठित टीम ने विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर निरीक्षण किया।
गौरतलब है कि बीते 18 फरवरी से प्रारंभ हुई युपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा को नकलविहीन निपटाने के लिए सभी सामान्य परीक्षा केंद्रों पर दो दो स्टेटिक मजिस्ट्रेट को लगाया गया था। इसके अलावा संवेदनशील व अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी।
डीएम विवेक ने सभी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों को परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर अपनी मौजूदगी में प्रश्रपत्र खोले जाने का निर्देश दिया था। शुरुआत में पर्याप्त सख्ती न होने को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने कड़ा कदम उठाते हुए कई अधिकारियों पर वेतन काटने एवं वेतन रोकने की कार्रवाई की थी।
डीएम की सख्ती रंग लाई और संबंधित अधिकारियों ने नकलविहीन परीक्षा निपटाने के लिए आवश्यक कदम उठाना शुरू कर दिया। न सिर्फ जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट ने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर अपनी मौजूदगी में प्रश्रपत्र खुलवाना शुरू किया, बल्कि शिक्षा विभाग द्वारा गठित सभी पांच सचल दल भी सक्रिय हो गए।
नतीजा यह हुआ शुक्रवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल विज्ञान परीक्षा में डीआईओएस डॉ. आरपी वर्मा के नेतृत्व में टीम विभिन्न परीक्षा केंद्रों का जायजा लेते हुए निर्मल ब्रम्हचारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मद्देपुर पहुंची। यहां तलाशी के दौरान डीआईओएस श्री वर्मा ने एक परीक्षा कक्ष में दो छात्रों को नकल संबंधित सामग्री के साथ पकड़ लिया।
दोनों को तत्काल बी कापी दी गई। साथ ही उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण की गई। दो नकलची पकड़े जाने से संबंधित परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापक को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि यदि दोबारा इस प्रकार का मामला सामने आया, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इससे पूर्व नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए डीएम विवेक ने भी जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके अलावा शिक्षा विभाग द्वारा गठित टीमों ने भी विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर जायजा लिया।