कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि टांडा के सपा विधायक अजीमुलहक पहलवान ने करते हुए कहा कि जिस प्रकार से लगातार जलस्तर में कमीं हो रही है, वह आने वाले समय के लिए अत्यंत हानिकारक है। ऐसे में हमें न सिर्फ जल का दुरुपयोग करना चाहिए, बल्कि वर्षा के जल का अधिक से अधिक संचयन करना चाहिए।
इसके लिए लोगों में अभियान चलाकर जागरुकता पैदा करनी होगी। जब तक लोग जल संचयन के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तब तक कोई भी योजना सफल नहीं होगी। उन्होंने सरकार की तमाम उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की। विशिष्ट अतिथि जिला विकास अधिकारी उमाकांत त्रिपाठी ने वर्षा के जल का संचयन करने पर जोर दिया।
कहा कि तालाबों में जल संचयन करने से जलस्तर में वृद्धि होगी। उन्होंने परती भूमि के वनीकरण व चारागाह विकसित किए जाने पर जोर दिया। कहा कि इससे गिरते जलस्तर पर अंकुश लगाए जाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम समन्वयक कृषि विज्ञान केंद्र पांती डा. रवि प्रकाश मौर्य ने बताया कि 21 से 25 जनवरी तक ग्रामस्तरीय कार्यशाला का आयोजन होगा। बताया कि पशुपालन में बेहतर प्रदर्शन पर भीटी के पशुपालक सुरेंद्र यादव व मदारभारी के रामजनम को मिल्क केन पुरस्कार स्वरूप दिया गया।
इसके अलावा 6 स्वयं सहायता समूह को 25-25 हजार रुपये का चेक सीड मनी के रूप में दिया गया। इस दौरान उपकृषि निदेशक विनोद कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी सीडी राम, जिला कृषि अधिकारी सुभाषचंद्र, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अवर अभियंता ओमप्रकाश सिंह, अंजनी पाण्डेय, ग्राम प्रधान मयाराम वर्मा आदि मौजूद रहे।