चौबीस घंटे के दौरान डेंगू की चपेट में आए युवक व महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की रविवार देर रात लखनऊ स्थित एक निजी अस्पताल में जबकि महिला की राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में इलाज के बाद सोमवार भोर में लखनऊ ले जाते समय मौत हुई। दोनों के परिवारीजनों में रोना-पीटना मचा हुआ है।
उधर, तहसील क्षेत्र में डेंगू से हो रही मौतों से लोगों में एक तरफ जहां दहशत का माहौल है, वहीं स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी भी व्याप्त है। उनका कहना है कि डेंगू से लगातार हो रही मौतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। गौरतलब है कि टांडा में डेढ़ माह से डेंगू व तेज बुखार का प्रकोप तेजी से पांव पसार रहा है।
आए दिन इसकी चपेट में आकर लोग अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। तहसील क्षेत्र के मुसहा गांव निवासिनी निशात अंजुम (36) पत्नी अबूलैस चार दिन पहले डेंगू की चपेट में आ गई। जांच में डेंगू के लक्षण पाए जाने पर परिवारीजनों ने उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में भर्ती कराया।
तबियत में सुधार न होने पर सोमवार भोर में परिवारीजन उसे लेकर लखनऊ ले जाने लगे, रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। बाद में देर शाम नम आंखों के बीच पार्थिव शरीर को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। उधर, तहसील क्षेत्र के मीरानपुरा निवासी सराफा व्यवसाई प्रदीप सोनी (45) पुत्र ओमप्रकाश लगभग दस दिन पहले तेज बुखार की चपेट में आ गया।
स्थानीय इलाज के बाद जब तबियत में सुधार नहीं हुआ तो जांच कराई गई। इसमें डेंगू के लक्षण पाए गए। इस पर परिवारीजनों ने उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में भर्ती कराया। तबियत में सुधार न होने पर तीन दिन पहले परिवारीजनों ने उसे लखनऊ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां रविवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से परिवारीजनों में कोहराम मच गया।
बताते चलें कि इससे पहले भी क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में अब तक पांच लोगों की डेंगू से मौत हो चुकी है। इसमें मुमताजगंज निवासी आमान रजा (7) पुत्र कलीम, सिटकहा निवासी नेहाल अहमद (34) पुत्र दीनमोहम्मद, राजघाट निवासी जावेद अख्तर (38) पुत्र हाफिज सरवन, मीरानपुरा रौजा निवासी दरखशां अंजुमन (25) पुत्री सईद व तलवापार कश्मीरिया निवासी अताउल्लाह (36) पुत्र मीरू शामिल थे।
इन सभी की अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। क्षेत्र में डेंगू से लगातार हो रही मौतों से लोगों के बीच दहशत का माहौल है। इससे बचने के लिए लोगों ने तरह-तरह की कवायद भी शुरू कर दी है। एक तरफ जहां मंदिरों में विशेष पूजन-अर्चन का दौर शुरू हो गया है, वहीं विभिन्न चौराहों पर सामूहिक रूप से अजान दिए जाने का भी सिलसिला शुरू हो गया है।
उधर डेंगू से लगातार हो रही मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के लापरवाहीपूर्ण रवैये पर लोगों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि न तो किसी प्रकार का जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और न ही किसी प्रकार की दवा का ही वितरण किया जा सका है। सीएमओ डॉ. मोहिबुल्लाह ने बताया कि डेंगू से हुई मौत के बारे में जानकारी नहीं है। टांडा क्षेत्र में जगह-जगह कैंप लगाकर जांच कराई जा रही है।