अंबेडकरनगर। आजमगढ़ के अवैध शस्त्र लाइसेंस पर कारतूस के क्रय विक्रय में पांच लोगों को जेल भेजने के बाद संदिग्ध आठ शास्त्र लाइसेंस की जांच कराई जा रही है। इसके साथ ही अब जिले के सभी शस्त्र लाइसेंसों की भी जांच होगी। पुलिस घर घर जाकर स्थलीय सत्यापन कर पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट देगी। यही नहीं पुलिस ने जिस ज्ञानचंद का अवैध शस्त्र लाइसेंस के साथ पकड़कर कारतूस की खरीदारी के बाद उसको आसपास के जिलों में ज्यादा दाम पर सप्लाई करता था, उसने इसी जनपद से रिवाॅल्वर भी खरीदी थी। पूर्व चुनाव में असलहा जमा होने के बाद असलहे के कैंसिलेशन होना था लेकिन उसने जुगाड़ से उसे बहाल करवाकर अपना असलहा रिलीज करवा लिया था।
लोगों को पता नहीं बन गए शस्त्र लाइसेंस
पुलिस सूत्रों की माने तो जो आठ शास्त्र लाइसेंस संदिग्ध मिले है। उनकी जांच करने जब पुलिस आजमगढ़ पहुंची तो शास्त्रधारियों किसी भी लाइसेंस के लिए आवेदन न करने की बात पुलिस को बताई। इसमें कई लोग ऐसे भी हैं जो गरीब है। इन सभी के आधार कार्ड का प्रयोग कर उनके नाम से फर्जी शास्त्र लाइसेंस बनाए गए हैं।
-
दोनों शस्त्र लाइसेंस निकले फर्जी
ज्ञानचंद के पास से मिले शास्त्र लाइसेंस के फर्जी होने की जांच डीएम आजमगढ़ से कराई जा रही थी। मंगलवार को आजमगढ़ से भेजी गई रिपोर्ट में दोनों लाइसेंस फर्जी होने पर मुहर लग गई है।
-
जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म
अवैध शास्त्र लाइसेंस पर कारतूस के खरीदार के मुख्य आरोपी के जेल जाने के बाद से जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हर गन हाउस पर दिनभर यही चर्चा चल रही है। इससे लोगों में दहशत भी है।
अन्य लाइसेंसों की जांच जारी
ज्ञानचंद के पास से मिले दोनों शस्त्र लाइसेंस फर्जी निकले हैं। डीएम आजमगढ़ से मिले पत्र में इसकी पुष्टि हो गई है। अन्य शस्त्र लाइसेंसों की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने के बाद यहां के शस्त्र लाइसेंसों
- केशव कुमार, एसपी