अंबेडकरनगर। जलालपुर कोतवाली इलाके में डेढ़ वर्ष पहले मूकबधिर युवती से हुए दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने बुधवार को दोषी राजीव और सूर्यभान को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
जलालपुर कोतवाली इलाके की एक महिला ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 29 अगस्त, 2023 को उनकी मूकबधिर पुत्री को राजीव कुमार बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ विवाह कर लिया था। तीन नवंबर 2023 को आरोपी युवक उनकी पुत्री को थाने के पास छोड़कर भाग रहा था, उसी समय उसको दबोच लिया गया था। इसके बाद चार नवंबर, 2023 को दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता हुआ और राजीव कुमार उनकी पुत्री को पत्नी के रूप में रखने के लिए राजी हो गया था।
इसके बाद वह युवती को अपने साथ ले गया था। महिला के मुताबिक 12, फरवरी 2024 को सूचना मिली थी कि राजीव कुमार ने उनकी पुत्री को सूर्यभान निवासी ग्राम पेठिया जलालपुर के हाथों बेच दिया है और उसी से शादी करवा दी है। सूर्यभान उसकी पुत्री को शारीरिक एवं मानसिक रूप से शोषण कर रहा था। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की जांच शुरू की थी। इसके बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया था।
विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट रामविलास सिंह की कोर्ट में इस पूरे प्रकरण की सुनवाई हुई। मामले में दोनों पक्षों की ओर से बहस सुनने के बाद कोर्ट ने मंगलवार को सूर्यभान और राजीव कुमार को दुष्कर्म के मामले में 10 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ प्रत्येक को 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न अदा करने पर दोनों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।