अंबेडकरनगर। मालीपुर के सैरपुर उमरन में भूमि कब्जे, मारपीट और मड़ई जलाने के 30 वर्ष पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट चिंताराम ने दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। दोषमुक्त होने वालों में अरविंद और चिंतामणि उर्फ झींगुर शामिल हैं। तीसरे आरोपी राम सहाय की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी।
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मामला एक जुलाई 1996 का है। बुद्धिराम ने आरोप लगाया था कि बंजर भूमि जोतने का विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही उनकी मड़ई में आग लगा दी। सुनवाई में वादी के बयानों में विरोधाभास, मेडिकल रिपोर्ट में चोट के निशान न मिलना और प्राथमिकी में देरी सामने आई। गवाहों के बयानों में भी विसंगतियां मिलीं। अभियोजन आरोप साबित नहीं कर सका। इस पर अदालत ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। (संवाद)