जिला योजना समिति की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को प्रभारी मंत्री शाहिद मंजूर की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में हुई। इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए 2 अरब 78 करोड़ 45 लाख रुपये के बजट को स्वीकृति प्रदान की गई।
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराएं। दुग्ध विकास मंत्री राममूर्ति वर्मा व स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ पात्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाना सुनिश्चित करें। चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई भी तय की जाएगी।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी मंत्री शाहिद मंजूर ने एक-एक विभागों की गहन समीक्षा की और आगामी दिनों में होने वाले कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। श्री मंजूर ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
ऐसे में अधिकारियों को भी सरकार की इसी मंशा के अनुरूप पूरी तत्परता से काम तय करना होगा। उन्होंने कई विभागों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और कहा कि आगामी दिनों में समयबद्घ ढंग से काम पूरा किए जाएं।
दुग्ध विकास मंत्री राममूर्ति वर्मा ने जोर देकर कहा कि पात्रों को सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधा उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी स्वीकार्य नहीं होगी। पात्रों को अनावश्यक दौड़ाए जाने की कोई खबर मिली, तो संबंधित पर कार्रवाई तय होगी।
अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गांव-गांव जाकर जनता की समस्याएं सुनने व उनका निस्तारण करने की प्रक्रिया को तेज करें। स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने लोकनिर्माण, जलनिगम व शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन और ज्यादा संजीदगी से करें।
डीएम विवेक ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में भी सरकारी योजनाओं का लाभ पूरी तत्परता व पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाएगा। लंबे विचार विमर्श के बाद बाद में वर्ष 2016-17 के लिए 2 अरब 78 करोड़ 45 लाख रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई।
इसमें विभिन्न विभागों के महत्वपूर्ण कार्य शामिल रहे। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंह मिंटू, एमएलसी हीरालाल यादव, टांडा विधायक अजीमुलहक पहलवान, डीडीओ मथुरा प्रसाद मिश्र, परियोजना निदेशक उमाकांत त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।